Sunday, 6 January 2013

sunday special- sexercise

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सेक्स से जुड़े पुरुषों के 5 डर

सेक्स से जुड़े पुरुषों के 5 डर
आमतौर पर सेक्शुअली ऐक्टिव माने जाने वाले मर्द भी कुछ बातों को लेकर परेशान रहते हैं। इस वजह से कई बार उनकी सेक्शुअल लाइफ में प्रॉब्लम खड़ी हो जाती हैं। सेक्स से जुड़े मर्दों के 5 सबसे बड़े डर कौन से हैं,आइए डालते हैं एक नजर...


1. पार्टनर को असंतुष्ट छोड़नाः अपने फीमेल पार्टनर को असंतुष्ट छोड़ देने का डर मर्दें के मन में सबसे ज्यादा है। इस डर का सीधा संबंध 'साइज' से है। जहां महिलाओं को बड़ा साइज पसंद होता है तो वहीं पुरुषों को अपनी पार्टनर को चरम सुख देने में असफल रहने का डर हमेशा लगा रहता है। चरम सुख न दे पाने से पुरुषों के मन में ये भावना घर कर जाती है कि वे पूर्ण सेक्स पार्टनर नहीं हैं। यह बात पुरुषों के इगो को हर्ट करती है।


कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. गीतांजलि शर्मा कहती हैं कि पुरुषों को इस बात का डर रहता है कि वे अपने फीमेल पार्टनर को संतुष्ट कर पायेंगे कि नहीं। वह जितना ज्यादा इस बारे में सोचते हैं उतना ही समस्या बढ़ती जाती है। बेहतर है कि बिना साइज की चिंता किए अपने फीमेल पार्टनर की जरूरतों को समझे और प्यार करें।

2.जल्द स्खलन का डरः पुरुष की कोशिश होती है कि वह अपने फीमेल पार्टनर को पूरी तरह खुश कर पाए लेकिन इस दौरान वह उन्हें खुद के चरम सुख तक पहुंचने की भी चिंता होती है। जो उनके जल्दी स्खलित होने से जुड़ी होती है। ऐसा अक्सर देखा जाता है कि जल्द स्खलन सेक्स लाइफ को खराब कर देता है।
कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. अरोरा कहती हैं कि मेडिकल साइंस के हिसाब से जो पुरुष अपना स्खलन एक मिनट तक रोक सकते हैं, वे नॉर्मल होते हैं। लेकिन ज्यादातर पुरुषों को यह पता नहीं होता। उनकी समस्या ज्यादातर उनके खुद की निगेटिव सोच का नतीजा होती है।


3. पार्टनर के प्रेगनेंट न हो पाने से डरः पुरुष को इस बात का डर सताता है कि उसकी फीमेल पा़र्टनर प्रेग्नेंट हो पाएगी या नहीं। ये डर पुरुषों के सेक्शुअल परफॉर्मेंस पर असर डालता है।

कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. अरोरा कहती हैं कि अगर सीमेन से जुड़ी कोई समस्या है तो उसे टेस्ट किया जा सकता है। प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी है सही खान-पान और हेल्थी लाइफ। अच्छी सेक्स लाइफ महत्वपूर्ण है प्रेग्नेंसी नहीं।

4.पॉर्न ऐक्ट नहीं दोहरा पाने सेः पुरुष अक्सर सेक्स के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पॉर्न फिल्में देखते हैं। वह पॉर्न फिल्मों में दिखाए गए ऐक्ट को अपने पार्टनर के साथ दोहराने की कोशिश करते हैं और कई बार इसमें सफल न होने पर ये सोचकर निराश हो जाते हैं कि उनमें कुछ कमी है।


कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. गीतांजलि कहती हैं कि पुरुष अक्सर अपने सेक्शुअल परफॉर्मेंस की तुलना पॉर्न फिल्मों से करते हैं। उन्हें लगता है कि पॉर्न फिल्मों से एक्सपीरियंस हासिल करना जरूरी है। जबकि अपने फीमेल पार्टनर को प्यार करने और उसकी जरूरतों को समझकर आप हेल्थी सेक्शुअल लाइफ जी सकते हैं। इसके लिए आपको किसी पॉर्न फिल्म के एक्सपीरियंस की जरूरत नहीं होती।


5.मास्टरबैशन से जुड़ा डरः कई सर्वे ये बात साबित कर चुके है कि मास्टरबैशन का परुषों की सेक्स लाइफ पर कोई असर नहीं होता है। अक्सर पुरुषों को लगता है कि बचपन या कम उम्र में उनके द्वारा किया गया मास्टरबैशन उनकी वर्तमान सेक्शुअल प्रॉब्लम के लिए जिम्मेदार है।

कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. अरोरा सलाह देती हैं कि मास्टरबैशन से पुरुष की सेक्स लाइफ पर कोई असर नहीं पड़ता। लेकिन मास्टरबैशन से जुड़ा गलत होने का अहसास ज्यादा खतरनाक है। इसलिए मास्टरबैशन की चिंता छोड़ पुरुषों को अपनी सेक्शुअल लाइफ एंजॉय करनी चाहिए।

Saturday, 5 January 2013

स्तनों के बारे में आम पूछे गये सवाल:

स्तन(ब्रेस्ट)
स्तन कई आकार व माप के हो सकते हैं। निप्पल के आकार व रंग में भी काफ़ी अंतर हो सकता है। अक्सर स्तनों का आकार व माप असमान हो सकता हैं। करीब 20 वर्ष की आयु के आसपास यह अन्तर कम होने लग सकता है।

स्तन मुख्यतः दूध का उत्पादन करने वाली ग्रन्थियों से मिलकर बने होते हैं जो एक नली द्वारा निप्पल से जुड़े होते हैं। यह ग्रन्थियाँ चारों ओर से चर्बीदार ऊतकों से घिरी होती हैं।
हर महीने हार्मोन स्तनों को गर्भावस्था के लिए तैयार करते हैं। इस कारण स्तन थोड़े बड़े और अधिक संवेदनशील हो जाते हैं और मासिक धर्म खत्म होने पर अपने स्वाभाविक आकार व माप पर वापस आ जाते हैं।


स्तनों का माप
कुछ लड़कियाँ अपने स्तनों के माप से असंतुष्ट हो सकती हैं। कई बार वे चाहती हैं की उनके स्तनों का आकार बड़ा, छोटा या फि़र और कड़ा हो। स्तनों के आकार व माप का उनकी संवेदनशीलता से कोई संबंध नहीं है - छोटे स्तन भी बड़े स्तनों जितने ही संवेदनशील हो सकते हैं। लड़कियों के स्तन - उनका आकार व माप - उनके गुणसूत्रों द्वारा निर्धारित होते हैं। 

आसपास की मांसपेशियों का भी स्तनों के आकार पर प्रभाव पड़ सकता है।
लड़कियाँ यह अनुभव कर सकती हैं की उनके स्तनों का आकार उनके वज़न के बढ़ने या घटने के अनुसार बढ़ या घट सकता है। स्तनों का माप महीने के अलग अलग समय पर अलग हो सकता है और यह हार्मोन युक्त गर्भनिरोधक (कॉन्ट्रासेप्टिव) से भी प्रभावित हो सकता है।

स्तनों के बारे में आम पूछे गये सवाल:
क्या स्तनों के माप को बढ़ाया जा सकता है?
इस बात का कोई प्रमाण नहीं है की व्यायाम से स्तनों के माप को बढ़ाया जा सकता है और इसका तो निश्चित ही कोई प्रमाण नहीं है की किसी भी स्प्रे या क्रीम से स्तनों का माप बढ़ाया जा सकता है। केवल प्लास्टिक सर्जरी या शल्य चिकित्सा द्वारा - कृत्रिम रुप से स्तनों का आकार बढ़ाने की संभावना हो सकती है।


क्या स्तनों पर बाल आना सामान्य है?
हाँ, लगभग सभी लड़कियों को स्तनों के आस पास या दोनों स्तनों के बीच या निप्पल पर, बहुत हल्के या हल्के घुँघराले या एक दो बाल हो सकते हैं।

यदि केवल एक दो बाल हों, तो इन्हें प्लकर या चिमटी से निकाल सकती हैं। चिमटी को संक्रमणहीन करने के लिए उसे स्पिरिट या किसी कीटाणुनाशक (डिसइंफेक्टेंट) से साफ़ कर के ही उसे इस्तेमाल करें।

\ त्वचा को भी संक्रमण से बचाने के लिए स्पिरिट से पोंछ सकती हैं  और फिर त्वचा को नर्म या मुलायम रखने के लिए कोई लोशन लगा सकती हैं। शेव करने से त्वचा के नीचे बाल (इन ग्रोन बाल) बढ़ना शुरु हो सकते हैं।
यदि किसी को ज्यादा बाल हों तो वे वैक्सिंग भी कर सकती हैं या बाल साफ करने वाली क्रीम का उपयोग भी कर सकती हैं। वैक्स करने से त्वचा जल सकती और यदि आप त्वचा को अच्छी तरह रगड़ कर साफ़ न करें तो त्वचा के नीचे बाल (इन ग्रोन बाल) बढ़ना शुरु हो सकते हैं। ’वैसे तो बाल साफ़ करने की क्रीम से भी जलन हो सकती है, इसलिए स्तनों जैसी संवेदनशील जगह पर इसका इस्तेमाल करने से पहले, एक छोटे जगह पर इस क्रीम का असर जाँच (टेस्ट) कर लेना चाहिए।

मेरे स्तनों में दर्द सा महसूस होता है। क्यों?
किशोरावस्था में जब स्तनों का विकास शुरु होता है तब उनमें कभी कभी दर्द सा महसूस हो सकता है। मासिक धर्म के पहले भी स्तनों में दर्द या सूजन का अनुभव हो सकता है।


क्या निप्पल से स्राव होना सामान्य है?
जी हाँ, लड़कियों या महिलाओं में यह पूरे जीवन में, कभी न कभी, स्तनों में से अलग अलग मात्रा में विभिन्न द्रव्यों का उत्पादन हो सकता है।
यह तभी चिंता का विषय है यदि द्रव्य-


- लाल, गुलाबी या भूरे रंग का हो
- हर वक्त स्राव होता हो (गर्भावस्था के अलावा)
- सिर्फ़ एक ही स्तन से स्राव होता हो

साफ़-सफ़ाई

साफ़-सफ़ाई
जब आप किसी को किस करते या चूमते हैं या सेक्स करते हैं तो बेहतर होगा की आप साफ़ सुथरे  हों और आपके पास से दुर्गंध न आ रही हो। आप अपने दाँत रोज़ ब्रुश करें, रोज़ नहाएँ एवं साफ़ सुथरे कपड़े पहने।

हर व्यक्ति में एक प्राकृतिक गंध होती है और यह प्यार एवं सेक्स में अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है। अक्सर आपको को अमुक व्यक्ति ज़्यादा आकर्षक इसलिए लगते है क्योंकि आपको उनके शरीर की गंध अच्छी लगती है। अतः किसी को भी अपनी प्राकृतिक गंध को ढकने या छुपाने की ज़रुरत नहीं होती। आपके साथी को यह पसंद हो सकती है!
यह सुनने में आश्चर्यजनक लग सकता है की हर व्यक्ति में ऐसी गंध होती है जो उनके साथी को आकर्षित करने के लिए ही बनी होती है। क्या आप जानते हैं यह फेरोमोन्स नामक रासायनिक संकेत होते हैं। आपको यह पता नहीं होता की वे इसे महसूस कर सकते हैं पर फिर भी यह इस बात को प्रभावित करते हैं की वे अमुक व्यक्ति को पसंद करते हैं या नहीं।

पसीना आना
किशोरावस्था में पसीना आने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं, विशेषकर बगलों में, यानी बाहों के नीचे। इसका अर्थ यह है की किसी भी व्यक्ति को पसीना आ सकता है जो की दुर्गंधित हो सकता है। यह पूरी तरह सामान्य है - बस, रोज़ सफ़ाई रखना और साफ़-सुथरे कपड़े पहनना बहुत ज़रुरी है।

मुहांसे
हार्मोन्स की वजह से, ऊपरी तह या त्वचा ज़्यादा तेल उत्पन्न करती है। इसकी वजह से त्वचा पर दाग या मुहांसे आ सकते हैं। यदि आप को मुहांसे निकल आएं तो आप त्वचा को कम चिपचिपा करने के लिए कोई शोधक या क्लेंज़र का उपयोग कर सकतीं हैं। साधारण साबुन का इस्तेमाल त्वचा को रुखा बना सकता है जिससे त्वचा और ज्यादा चिपचिपी हो जाती है और इससे मुहांसे निकल सकते हैं।

योनि स्राव
ज़्यादातर लड़कियों को योनि(वजाइना) से पीलापन लिए हुए एक सफेद द्रव्य या पानी का स्राव होता है। यह द्रव्य योनि से तब निकलता है जब आपका मासिक धर्म नहीं हो रहा हो। यह पूरी तरह सामान्य है। साफ़ सूती चड्डी पहने जिससे योनि तक हवा पहुँच सके।
साफ़ करें पर साबुन से नहीं
टागों के बीच एवं बाहरी होंठ को साबुन से धोना ठीक हो सकता है पर बाहरी और भीतरी होंठ (लेबिया) के बीच या योनि के अन्दर साबुन का इस्तेमाल गलत हो सकता है।
साबुन योनि में जीवाणु के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकता है जिससे फफूंद (फ़ंगल) संक्रमण होने की संभावना बढ़ सकती है। इससे खुजली और जलन हो सकती है या संभोग के दौरान दर्द भी हो सकता है। पर यदि आप योनि को साबुन से धोना चाहें तो किसी सौम्य साबुन का उपयोग कर सकती हैं ना की किसी तेज़ खुशबू वाले साबुन या पदार्थों से।


क्या आप की योनि से गंध आती है?
योनि में एक विशिष्ट प्रकार की गंध होना सामान्य है। अक्सर डिम्ब उत्सर्जन (ओव्यूलेशन) के समय की तुलना में मासिक धर्म से ठीक पहले अलग गंध हो सकती है। इस गंध को हटाने के लिए साबुन, डूष या किसी सुगंधित वस्तु का इस्तेमाल न करें। इससे योनि में जलन हो सकती है और गंध तीव्र हो सकती है।


वल्वा को पानी से धोएँ और सूती चड्डी पहने। कृत्रिम पदार्थ जैसे पॉलीस्टर से बनी चड्डी पहनने से ज़्यादा पसीना आ सकता है और आपको योनि में जलन हो सकती है। इससे स्राव की मात्रा बढ़ सकती है और योनि से गंध आ सकती है।
सैनिटरी पैड एवं टैम्पॉन
अपने पैड हर कुछ घण्टों बाद नियमित रुप से बदलें। टैम्पॉन को भी मासिक रक्तस्राव की मात्रा के अनुसार हर 4 से 8 घण्टे के बाद बदलते रहना चाहिए।

Friday, 4 January 2013

चुम्बन: पांच बड़े तथ्य 
चुम्बन सबसे रोमांटिक एहसास हो सकता है, अगर सही जगह और सही इंसान के साथ हो। जब चिंगारियां सी उठती है, पेट में तितलियाँ सी महसूस होती हैं, और फिर होंठ से होंठ मिलते हैं। वाह, क्या अद्भुत एहसास होता है यह!
या फिर...जीभ से टोंसिल्स का छुना, थूक गिरना, दाँतों का टकराना. ह्म्म्म...यह कुछ रोमांटिक तो नहीं। तो आप सही चुम्बन कैसे कर सकते हैं? पता लगाइए हमारे 'पांच बड़े तथ्य' श्रंखला के तीसरे हिस्से में।
वो करिए जो अच्छा लगता है!
चुम्बन प्रशिक्षण जैसी कोई चीज़ नहीं होती है। क्यूंकि आप खुद अभ्यास से यह सीख सकते हैं। और यह मुश्किल भी नहीं. जीभ चुम्बन अधिकतर शुरू होता है होठों के चुम्बन से। आप अपने होंठों का इस्तेमाल करके, अपने साथी के होठों को सहलाना शुरू कर सकते हैं। 

अपने होठों को हिलाईये और साथी के होठों को महसूस करिए। फिर आप अपना सिर एक तरफ थोड़ा झुकाइये, ताकि आपकी नाक बीच में ना आये, फ़िर आप अपना मुहं खोलिए और धीरे से अपनी जीभ अपने साथी के मुहं में डालिए। अगर आप अच्छा महसूस कर रहे हैं, तो आप सही जा रहे हैं! 


हर कोई अलग है

अलग अलग लोगों को अलग अलग तरह का चुम्बन पसंद आता है। कुछ लोग चुम्बन के समय आँखें बंद रखते हैं, और कुछ नहीं। और शायद आपको धीरे धीरे चुम्बन करना पसंद हो, लेकिन आपके साथी को थोड़ी तेज़ तरार, होठों को काटने वाला चुम्बन पसंद हो। लेकिन चिंता मत करिए! ज़रूरत है की आप अपने साथी से खुल कर बात करिए और आप दोनों जानिये किस आप दोनों को क्या पसंद है। और हाँ, अगर आपका पहला चुम्बन बिलकुल सही नहीं होता, तो निराश ना हों - कोशिश करते रहिये, और आपको वो 'पर्फक्ट' चुम्बन ज़रूर मिलेगी!
 
नकारात्मक पहलु

चुम्बन काफी मज़ेदार और उत्तेजक होता है, लेकिन इसमें कुछ जोखिम भी हो सकते हैं। कुछ बीमारियाँ चुम्बन के माध्यम से आपके शरीर में पहुच सकती हैं। जैसे की दाद और खाज की बीमारी। या फ़िर ग्रथिया बुखार - जिसको अकसर 'चुम्बन बीमारी' भी कहा जाता है। 

यह जवान लोगों में अधिकतर पाया जाता है और आपको महीनो तक थका-मंदा कर देती है।
(चुम्बन से एच आई वी होना लग्भाक नामुमकिन है. यह तभी हो सकता है जब आप दोनों के होंठों पर या मुहं में कोई घाव हो)
आखिर में, अगर आप चाहते है की आपका पर्फक्ट चुम्बन खराब ना हो मुहं की बुरी गंध से, तो रोज़ाना ब्रुश करना! और हाँ डेंटल फलोस का इस्तेमाल करें। यह जो खाने के कुछ हिस्से आपके दाँतों के बीच में रह जाते हैं, उस से ही आपकी मुह में गन्दी गंध बैठ जाती है।

हम चुम्बन क्यूँ करते हैं?
इंसानों में, चुम्बन शुरू हुआ माँ-बाप का अपने मुह से अपने बच्चों को खाना खिलाने से, ऐसा वैज्ञानिकों का मानना है। या फ़िर बच्चों का पाने माता-पिता को खाना खिलाने से। और हाँ, चुम्बन के बहुत सारे स्वस्थ्य सम्बंधित फायेदे भी हैं! एक तो यह की यह आपको ज्यादा खुश करता है और स्ट्रेस कम करता हैं। और इस से आपके शरीर में कोलेस्टेरोल की मात्र भी कम होती है, ऐसा विशेषज्ञों ने पाया।


जिमखाना नहीं जाना चाहते - चुम्बन करिए!   

गहन चुम्बन से आपकी दिल की धड़कन बढती है - जैसे की कसरत के समय। आराम करते समय, आपका दिल कुछ एक मिनट में 70 बार धड़कता है। चुम्बन के समय, यह एक मिनट में 100  से 150 बार तक बढ़ सकता है! और इसके साथ-साथ चुम्बन के समय आपके चेहरे की 34 मासपेशियों की कसरत होती है।

आप चुम्बन से वज़न भी घटा सकते हैं. गहन चुम्बन आपके शरीर से कुछ 6 कैलोरी एक मिनट में घटा सकता है। तो अपने साथी को कुछ मस्त और रोमांचक कसरत के लिए बाहों में भर लीजिये!
हमें अपने अबसे अच्छे चुम्बन, सबसे ख़राब चुम्बन, जो चुम्बन ना हो पाया हो या पहले चुम्बन की कहानी हमें ईमेल करिए। हम उसे अपने 'मेरी कहानी' श्रंखला में प्रस्तुत करेंगे। और हमें आपका असली नाम जानने की ज़रूरत नहीं। आप अपनी राय यहाँ भी लिख सकते हैं या फेस बुक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लीजिये।