Tuesday, 8 January 2013

पुरुषों के 10 सेक्स सीक्रेट्स

पुरुषों के 10 सेक्स सीक्रेट्स

आपको लगता है कि आपको सब कुछ पता हैं, लेकिन जब बात पुरुषों से जुड़े सेक्स सीक्रेट्स की आती है तो फिर आपको ये सब पढ़ने की जरूरत है।

1. स्पर्म -सभी स्पर्म गर्भधारण करने के लिए नहीं दौड़ते, बल्कि एक ही शुक्राणु गर्भधारण को अंजाम देता है। बाकी स्पर्म  अस्थायी रूप से जम जाते है या फिर थक्का बनकर रह जाते हैं और महिला प्रजनन तंत्र में तैरते रहते हैं। आपको पता होना चाहिए कि बेबी कंसीव करने के लिए एक स्पर्म बहुत होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ये थक्के इस बात का संकेत होते हैं कि इनमें से एक शक्राणु अंडे तक पहुंच चुका हो

2. पुरुषों को भी प्रभावित करता है ऑक्सीटोसिन: 
यह माना जाता है कि ऑक्सीटोसिन सेक्स के दौरान महिलाओं को प्रभावित करता है, लेकिन यह हार्मोन सेक्स के दौरान दोनों लिंगों से जारी होता है। ऐसा पाया गया है कि यह पुरुषों को भी प्रभावित करता है। स्विट्जरलैंड में हुए एक रिसर्च में पाया गया कि ऑक्सीटोसिन पुरुषों में विश्वास की वृद्धि की भावनाओं के साथ जुड़ा होता है।
 3. उच्च टेस्टोस्टेरोन और कम सेक्स:
सेक्स हॉरमोन टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर आम तौर पर पुरुषों के लिए एक अच्छी बात मानी जाती है, जब बात उनकीसेक्स ड्राइव से जुड़ी हो।  शोधकर्ताओं ने लगातार पाया कि उच्च टेस्टोस्टेरोन से विवाह अपनमानजनक लगता है और तलाक की मामले बढ़ जाते है। वास्तव में, शादीशुदा पुरुष एकल पुरुषों की तुलना में अधिक एक्शन में दिखते है।

4.  सेक्स के दौरान मौत:
यह एक अजीब ही बात है, लेकिन ऐसा होता है। 1975 में हुए एक रिसर्च से यह पता चला कि आमतौर पर सेक्स करते हुए वैसे लोगों की अचानक मृत्यु हो जाती है जो काफी शराब और गरिष्ठ भोजन लिए होते हैं। पहले यह माना जाता था कि दिल के मरीजों की सेक्स के दौरान मौत होने का खतरा रहता है। 1989 में हुए एक रिसर्च से स्पष्ट हुआ कि वैसे लोगों की मौत की अधिक आशंका होती है जो पराई औरतों के साथ संबंध बनाते हैं। 

 कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिनसे पीड़ित लोगों की भी सेक्स के दौरान मृत्यु की आशंका रहती है। उदाहरण के लिए लिवर से संबंधित बीमारियां। लिवर डिजीज से ग्रस्त लोगों को डॉक्टर सेक्स नहीं करने की सलाह देते है।

 5. पुरुष चाहते हैं (किंकी) सेक्स।
एक रिसर्च में यह पाया गया है कि बीस में से एक पुरुष अपनी महिला पार्टनर से इस तरह सेक्स की चाहत रखते हैं जिसे सामाजिक स्वीकृति प्राप्त नहीं होती। ऐसे पुरुषों को असामान्य व्यवहार में विशेष आनंद मिलता है। ये किंकी टाइप सेक्स पसंद करते हैं। उदाहरण के लिए खुली छत पर सेक्स, रेस्त्रां, सिनेमा हॉल आदि के बाथरूम में सेक्स। इससे इन्हें फर्क नहीं पड़ता कि कोई इन्हें सेक्स करते हुए देख रहा है।


6. आर्गज्म नहीं होने से पुरुषों में हो सकता है कैंसर।

7. आप अपनी साइज के बारे में अंगुलियों से बता सकते है।

8. औरतों से जल्दी पुरुष पड़ते हैं प्यार में..।


9. फैमिली टेस्टोस्टेरोन को प्रभावित करती है।

10. आपका खान-पान परफार्मेस पर डालता है असर।

 

वक्त से पहले जवान होने लगी हैं भारतीय लड़कियां

वक्त से पहले जवान होने लगी हैं भारतीय लड़कियां


अब भारतीय लड़कियां 10 साल की उम्र में ही जवानी की दहलीज पर पहुंच जा रही हैं। उनके अंदर फिजिकल, हार्मोनल और सेक्शुअल बदलाव अब 2 साल पहले हो जा रहा है। पहले 12-13 साल की उम्र में लड़कियां बड़ी होती थीं। यह ट्रेंड सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देखा जा रहा है।

एक स्टडी के मुताबिक, खाने-पीने और लाइफ स्टाइल में हो रहे बदलाव के चलते लड़कियों का यौवन वक्त से पहले आ जा रहा है। इस बदलाव से जोखिम बढ़ गया है।
 स्टडी को अंजाम देने वाले प्रफेसर सुसान और जॉर्ज पैटन कहते हैं, 'स्टडी से यह पता चला है कि तरुणाई का पहले आ जाना एक अहम शारीरिक घटना है। इसका हेल्थ पर खतरनाक असर हो सकता है। इससे भविष्य में मेंटल डिसऑर्डर जैसी गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं।'

 बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव छाबड़ा भी इस स्टडी के नतीजों से सहमत हैं। उन्होंने कहा, 'समय से पहले भारतीय लड़कियों में यौवन का विकास एक आम बात हो गई है। लाइफ स्टाइल और खाने-पीने की आदतों में आए बदलाव ने इसे बढ़ावा दिया है। 

पहले हम माता-पिता को सलाह देते थे कि वह 13 साल की उम्र में लड़कियों से एमसी के बारे में बात करें और उन्हें सही सलाह दें। लेकिन अब हम उन्हें 10 साल पर इस तरह की सलाह देने को कहते हैं।'
 


Sunday, 6 January 2013

सेक्स के दौरान औरत के ब्रेस्ट को छूने के तरीके

सेक्स के दौरान औरत के ब्रेस्ट को छूने के तरीके

विभिन्न औरतों के ब्रेस्ट का आकार-प्रकार अलग-अलग होता है। साथ ही,उन ब्रेस्टों के अपने-अपने गुण-दोष होते हैं। जिसका जैसा ब्रेस्ट हो, उसको छूने के तरीके के बारे में ये पता लगा हैः-

बड़े ब्रेस्ट- वियना विश्वविद्यालय में हुए रिसर्च से पता चला है कि बड़े ब्रेस्ट, छोटे के अपेक्षा 24 प्रतिशत कम संवेदनशील होते हैं। इसका कारण है कि सेंसेशन वाली नसें ऐसे ब्रेस्ट में छितर जाती हैं। ऐसे ब्रेस्ट के बाहरी किनारे पर जीभ या ऊंगली से गोल-गोल फिराना चाहिए। प्रयोग के तौर पर ऐसे ब्रेस्ट को दांत से हल्के-हल्के काटा भी जा सकता है।

छोटे ब्रेस्ट- छोटे ब्रेस्ट काफी संवेदनशील होते हैं। इस ब्रेस्ट को हथेली के नीचे धीरे-धीरे मसलना चाहिए।
झूले हुए ब्रेस्ट- इस तरह के ब्रेस्ट भी कम सेंसेटिव होते हैं। साथ ही, यह अपने भार के कारण झूलते रहते हैं। औरत को पीठ के बल लिटाना चाहिए ताकि ब्रेस्ट झूल ना सके और सीने पर ठहर सके। उसके बाद उसे छुएं।
सर्जरी से बढ़ाए गए ब्रेस्ट- इस तरह के ब्रेस्ट के अंदर ट्रांसप्लांटेड मैटेरियल रहता है इसलिए ऐसे ब्रेस्ट के निप्पल के आस-पास जीभ फिराना चाहिए।
बच्चा जन चुकी औरत के ब्रेस्ट- उसके ब्रेस्ट के निप्पल काफी नर्म होते हैं इसलिए उसे सहलाने के साथ उसे चूसा जाय तो औरत को बहुत आनंद आता है।

बड़े ब्रेस्ट का बड़ा खतरा

बड़े ब्रेस्ट का बड़ा खतरा

जिन महिलाओं का ब्रेस्ट बड़ा होता है, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका उतनी ही ज्यादा होती है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक इस्ट्रोजन की ब्रेस्ट के आकार में भूमिका होती है, यही कैंसर के कारण भी हो सकता है। अमेरिका के वैज्ञानिकों ने लंबे शोध के बाद कहा है कि इस्ट्रोजन ही ब्रेस्ट को सुड़ोल और बड़ा साइज देता है।. यही ट्यूमर भी पैदा करता है।
वैज्ञानिक निकोलस इरिकसन ने कहा है कि पहली बार ब्रेस्ट के आकार और कैंसर का रिश्ता सामने आया है। हालांकि उनका मानना है कि अभी इसमें और शोध की जरुरत है। यूं तो ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र भी हो सकता है, लेकिन खासतौर पर 40 साल की उम्र के बाद इसका खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में साल में एक बार चेकअप करवाना जरूरी है। – ब्रेस्ट कैंसर की एक वजह आनुवंशिक भी होती है।
अगर आपकी मम्मी को यह प्रॉब्लम रही है, तो इस मामले में आपको पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे में आपको 40 साल से पहले से ही इसका परीक्षणकरवाना शुरू कर देना चाहिए। छाती में किसी भी तरह की गांठ को हल्के तौर पर न लें और तुरंत डॉक्टर से ब्रेस्ट कैंसर का चेकअप करवाएं। एक्सरे से स्तन कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में ही लगाया जा सकता है।
इस जांच से यह भी पता चल जाता है कि कैंसर ब्रेस्ट के किस हिस्से में है। अगर आपको ब्रेस्ट हार्ड महसूस हो रहा हो और सूजन की वजह से आप असहज महसूस कर रही हों, अगर आपको डॉक्टर की तरफ से ब्रेस्ट चेंज करने को कह दिया गया है, तो डॉक्टर के कहे मुताबिक ही स्टेप बाई स्टे प टेस्ट करवाते रहें। साथ ही, दवाइयां भी समय के मुताबिक लेना न भूलें। हमें ध्यान देने की जरुरत है विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है। अब कोई भी रोग उतना खतरनाक नहीं है जितना पहले था।
ब्रेस्ट के बड़े आकार और कैंसर के रिश्ते के बाद अब छोटे ब्रेस्ट वाली महिलाओं को शर्माने की जरुरत नहीं है। अब वे आत्मविश्वास से जिंदा रह सकती है। छोटा है तो क्या सुरक्षित तो हैं।

 

sunday special- sexercise

sunday special- sexercise


























सेक्स से जुड़े पुरुषों के 5 डर

सेक्स से जुड़े पुरुषों के 5 डर
आमतौर पर सेक्शुअली ऐक्टिव माने जाने वाले मर्द भी कुछ बातों को लेकर परेशान रहते हैं। इस वजह से कई बार उनकी सेक्शुअल लाइफ में प्रॉब्लम खड़ी हो जाती हैं। सेक्स से जुड़े मर्दों के 5 सबसे बड़े डर कौन से हैं,आइए डालते हैं एक नजर...


1. पार्टनर को असंतुष्ट छोड़नाः अपने फीमेल पार्टनर को असंतुष्ट छोड़ देने का डर मर्दें के मन में सबसे ज्यादा है। इस डर का सीधा संबंध 'साइज' से है। जहां महिलाओं को बड़ा साइज पसंद होता है तो वहीं पुरुषों को अपनी पार्टनर को चरम सुख देने में असफल रहने का डर हमेशा लगा रहता है। चरम सुख न दे पाने से पुरुषों के मन में ये भावना घर कर जाती है कि वे पूर्ण सेक्स पार्टनर नहीं हैं। यह बात पुरुषों के इगो को हर्ट करती है।


कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. गीतांजलि शर्मा कहती हैं कि पुरुषों को इस बात का डर रहता है कि वे अपने फीमेल पार्टनर को संतुष्ट कर पायेंगे कि नहीं। वह जितना ज्यादा इस बारे में सोचते हैं उतना ही समस्या बढ़ती जाती है। बेहतर है कि बिना साइज की चिंता किए अपने फीमेल पार्टनर की जरूरतों को समझे और प्यार करें।

2.जल्द स्खलन का डरः पुरुष की कोशिश होती है कि वह अपने फीमेल पार्टनर को पूरी तरह खुश कर पाए लेकिन इस दौरान वह उन्हें खुद के चरम सुख तक पहुंचने की भी चिंता होती है। जो उनके जल्दी स्खलित होने से जुड़ी होती है। ऐसा अक्सर देखा जाता है कि जल्द स्खलन सेक्स लाइफ को खराब कर देता है।
कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. अरोरा कहती हैं कि मेडिकल साइंस के हिसाब से जो पुरुष अपना स्खलन एक मिनट तक रोक सकते हैं, वे नॉर्मल होते हैं। लेकिन ज्यादातर पुरुषों को यह पता नहीं होता। उनकी समस्या ज्यादातर उनके खुद की निगेटिव सोच का नतीजा होती है।


3. पार्टनर के प्रेगनेंट न हो पाने से डरः पुरुष को इस बात का डर सताता है कि उसकी फीमेल पा़र्टनर प्रेग्नेंट हो पाएगी या नहीं। ये डर पुरुषों के सेक्शुअल परफॉर्मेंस पर असर डालता है।

कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. अरोरा कहती हैं कि अगर सीमेन से जुड़ी कोई समस्या है तो उसे टेस्ट किया जा सकता है। प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी है सही खान-पान और हेल्थी लाइफ। अच्छी सेक्स लाइफ महत्वपूर्ण है प्रेग्नेंसी नहीं।

4.पॉर्न ऐक्ट नहीं दोहरा पाने सेः पुरुष अक्सर सेक्स के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पॉर्न फिल्में देखते हैं। वह पॉर्न फिल्मों में दिखाए गए ऐक्ट को अपने पार्टनर के साथ दोहराने की कोशिश करते हैं और कई बार इसमें सफल न होने पर ये सोचकर निराश हो जाते हैं कि उनमें कुछ कमी है।


कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. गीतांजलि कहती हैं कि पुरुष अक्सर अपने सेक्शुअल परफॉर्मेंस की तुलना पॉर्न फिल्मों से करते हैं। उन्हें लगता है कि पॉर्न फिल्मों से एक्सपीरियंस हासिल करना जरूरी है। जबकि अपने फीमेल पार्टनर को प्यार करने और उसकी जरूरतों को समझकर आप हेल्थी सेक्शुअल लाइफ जी सकते हैं। इसके लिए आपको किसी पॉर्न फिल्म के एक्सपीरियंस की जरूरत नहीं होती।


5.मास्टरबैशन से जुड़ा डरः कई सर्वे ये बात साबित कर चुके है कि मास्टरबैशन का परुषों की सेक्स लाइफ पर कोई असर नहीं होता है। अक्सर पुरुषों को लगता है कि बचपन या कम उम्र में उनके द्वारा किया गया मास्टरबैशन उनकी वर्तमान सेक्शुअल प्रॉब्लम के लिए जिम्मेदार है।

कैसे छुटकारा पाएं: डॉ. अरोरा सलाह देती हैं कि मास्टरबैशन से पुरुष की सेक्स लाइफ पर कोई असर नहीं पड़ता। लेकिन मास्टरबैशन से जुड़ा गलत होने का अहसास ज्यादा खतरनाक है। इसलिए मास्टरबैशन की चिंता छोड़ पुरुषों को अपनी सेक्शुअल लाइफ एंजॉय करनी चाहिए।