Monday, 27 August 2012

सेक्स लाइफ को ज्यादा इंट्रस्टिंग बनाना चाहते हैं..?

सेक्स लाइफ को ज्यादा इंट्रस्टिंग बनाना चाहते हैं?
 अगर आप रूटीन सेक्स से बोर हो गए हैं और सेक्स लाइफ को ज्यादा इंट्रस्टिंग बनाना चाहते हैं, तो आप आजमा सकते हैं कुछ अलग तरीके। ये तरीके वाइल्ड तो हैं पर इनका अहसास बिल्कुल जुदा-जुदा है और काफी मजेदार भी। आइए जानते हैं कैसे बना सकते हैं सेक्स को ज्यादा इंट्रस्टिंग...
शॉपिंग स्टोर के ट्रायल रूम में सेक्स। यह अटपटा जरूर लग रहा है पर यहां सेक्स का अलग मजा है। ड्रेस ट्रायल करते-करते सेक्स का अहसास रूटीन सेक्स से काफी हटकर है।

मड पॉन्ड यानी कीचड़ में
जानकारों का मानना है कि बेड पर साफ चादर पर सेक्स करने से बेहतर अहसास मड में सेक्स करने का है। कीचड़ में लिपटे अपने साथी के साथ चिपकना और उससे सेक्स करने का यह तरीका काफी वाइल्ड भी है।

अपने साथी के कपड़ों को धीरे-धीरे खोलना और उसके बाद उसके साथ सेक्स करने का अहसास तो प्यारा लगता है, पर अपने लवर के साथ पूरे कपड़ों में सेक्स आपको ज्यादा मजा देगा।

 आइस क्यूब के साथ सेक्स बेहतर ऑप्शन है। आप दोनों बिल्कुल न्यूड हो जाएं और अपनी-अपनी बॉडी पर बर्फ के छोटे-छोटे टुकडें रख लें। जैसे -जैसे बर्फ के टुकड़े पिघलने लगें, वैसे-वैसे अपने साथी के साथ आप इन्वॉल्व होइए। देखिए आपको एक अलग अहसास मिलेगा।


कार में सेक्स भी रूटीन सेक्स से अलग हटकर है। यहां पर वातावरण बेडरूम की तुलना में बिल्कुल अलग होता है। जाहिर है मजा भी ज्यादा आता है।
 बालकनी में- अगर आप इतने सौभाग्यशाली हैं कि आपके पास प्राइवेट टाइप बालकनी है तो वहां सेक्स करने का सुनहरा मौका छोड़ें नहीं। वैसे अगर प्राइवेट बालकनी नहीं है तब भी आप वहां सेक्स कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि एरिया पूरी तरह से कवर कर लें। लोगों की तांक-झांक से कहीं लेने के देने न पड़ जाएं।




तंबू में- अगर आप अडवेंचर पसंद प्राणी हैं तो नाइट कैंपिंग के लिए जाना आपके लिए बढ़िया आइडिया होगा। टैंट जुटाएं और निकल पड़ें नाइट कैंपिंग के लिए। प्रकृति की गोद में आसमान के नीचे आप जब अपने पार्टनर के काफी नजदीक होंगे तो आपको आनंद आ जाएगा।  


किचन में करें- किचन में सेक्स! जी हां। जब वह किचन में घरेलू काम निपटा रही हो तब आप उसकी ओर इनिशिएट करके उसे सरप्राइज कर दें। खाने पीने की चीजें जैसे अंगूर.. पानी की ठंडी बोतल.. फोरप्ले में काम आ सकती है। 

लिफ्ट में भी- लिफ्ट में सेक्स के बारे में कभी ख्याल आया हो आपको? नहीं न... लेकिन हमारी मानिए, लिफ्ट में ट्राई करिए जब लिफ्ट में आप अकेले हों। पर हां ध्यान रहे कि आपकी लिफ्ट क्लोज ही रहे.. यानी आप क्लोज बटन से अपनी उंगली न हटाएं।

स्वीमिंग पूल में-
स्वीमिंग पूल में सेक्स करें। हम्म्मम.. ये तो आपको मजेदार लगेगा। अगर आपके पास प्राइवेट पूल है तो ही पूल में सेक्स का आनंद लें। 

 वॉशिंग मशीन- आपने किचन में सेक्स किया होगा। हो सकता है आपने स्टडी टेबल पर सेक्स किया हो। लेकिन क्या आपने कभी वॉशिंग मशीन पर इश्क की गर्माहट को पिघलने के लिए छोड़ा है? संभवत: नहीं...। बस आप यह करिए कि अपने पार्टनर को पहले टर्न-ऑन कर लें और फिर मशीन को स्पिन मोड पर छोड़ दें। वहां..जहां... यह वाइब्रेट करती हो... और बस बाकी सब हम आपकी कल्पना पर छोड़ते हैं। 
 वाटर टैंक- कभी टेरेस पर सेक्स किया है? नहीं किया तो अब करें। खुले आसमान के नीचे। ठंडी हवा में। वाइन के गिलास थाम कर। अब इससे ज्यादा रोमांटिक क्या होगा! टेरेस पर जो ओवरहेड वाटर टैंक होगा... उसपर सीढ़ियां होंगी। बस चढ़ जाएं ऊपर। और... हो जाएं कुछ चुलबुले। 



लाइब्रेरी- नहीं.. नहीं.. यह अजीब नहीं है। शांति से... हौले से... खामोशी के साथ... लाइब्रेरी जैसी जगह पर करिए सेक्स। लेकिन हां, गोपनीयता कैसे बरकरार रखनी है इस पर आपको ड़ा काम करना होगा। पर, यह होगा बहुत ही रोमांटिक। ऐसा रोमांटिक लव मेकिंग जिसमें चारों ओर पिन ड्रॉप साइलेंस हो और आप अपने पार्टनर की गिरफ्त में हों। वैसे हिस्ट्री की बुक शेल्फ जहां रखी हों, उससे बेहतर कौन सी जगह होगी।
रोलर कोस्टर- किसी रोलर कोस्टर झूले पर आप झूले तो बहुत बार झूले होंगे। अब की बार उस झूले पर सेक्स करिए। है न थोड़ा अजीब.. आपने फैंटसी में भी ऐसा नहीं सोचा होगा। लेकिन, जब किसी जगह पर आप यह करेंगे तो जरूर ही आपको मजा आएगा। 

 

अभी तो मैं जवान हूँ...

  अभी तो मैं जवान हूँ...

मॉडर्न विमिन के बदले अंदाज से तो सब वाकिफ हैं। लेकिन, नए जमाने की महिलाएं रीयल लाइफ के अन्य क्षेत्रों की तरह बेडरूम में भी बोल्ड हो गई हैं। पिछले दिनों आई एक स्टडी रिपोर्ट में बताया गया है कि मां बनने के बाद वे बेडरूम में और भी ज्यादा डिमांडिंग हो जाती हैं: 
बुलंद आवाज और ऊंचाइयों को छूने की चाहत जैसी चंद खूबियां मॉडर्न विमिन को बीते जमाने की दबी-कुचली मानी जाने वाली नारी से अलग बनाती हैं। और बात अगर सेक्स की करें, तो अब उनमें इसे लेकर भी कोई झिझक नहीं है।

 जी हां, नए जमाने की महिलाएं पुरानी महिलाओं की तरह पार्टनर के सामने नजरें चुराने की बजाय नजरें मिला अपनी डिमांड क्लियर करने में विश्वास रखती हैं। ऐसे में, यह कहना कुछ गलत नहीं होगा कि आज की विमिन बेडरूम में पहले के मुकाबले ज्यादा डिमांडिंग हो गई हैं।

रिपोर्ट कुछ कहती है 
  अभी तक माना जाता था कि मां बनने के बाद महिलाओं की सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि मां बनने के बाद महिलाएं सेक्स के लिए और ज्यादा डिमांड कर रही हैं। पिछले दिनों ब्रिटेन में किए गए एक सर्वे में पता लगा है कि मां बनने के बाद महिलाएं सेक्स के मामले में और ज्यादा डिमांडिंग हो गई। यही वजह है कि पहले सेक्स के लिए पार्टनर की पहल का इंतजार करने की बजाय अब वे खुद ही पहल करने लगी हैं। इस स्टडी के दौरान करीब 3500 महिलाओं की राय जानी गई। सायकायट्रिस्ट डॉ. समीर पारीख इसकी सबसे बड़ी वजह सेंस ऑफ इक्वेलिटी और एक-दूसरे को बराबर रिस्पेक्ट देना मानते हैं। 
कोई हिचक नहीं 
  हमने सेक्स की पहल को लेकर महिलाओं के बीच एक सर्वे किया। इसमें भारतीय समाज की एक अलग ही तस्वीर सामने आई। लेडीज ने पहली बार खुलकर माना कि वे सेक्स के लिए पहल कर रही हैं। अपने सर्वे के दौरान हमने 500 लेडीज से बात की। इनमें से 60 पर्सेंट ने माना कि वे अपने हमसफर के साथ सेक्स लाइफ काफी एंजॉय कर रही हैं। उनका मानना था कि आधे से ज्यादा बार वे खुद पहल करती हैं।

वक्त नहीं है 
जबकि, 20 पर्सेंट ने माना कि वे इशारा तो नहीं करतीं, लेकिन पार्टनर के पहल करने पर सेक्स को काफी एंजॉय करती हैं। वहीं, 10 पर्सेंट लेडीज का कहना था कि पूरे दिन की भागदौड़ और बच्चों की देखरेख के चलते वे कम ही चांस ले पाती हैं। हालांकि मौका मिलने पर उन्हें सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है। इस सबके अलावा, 10 पर्सेंट लेडीज का कहना था कि हमें सेक्स के लिए वीक में मुश्किल से एक बार ही चांस मिल पा रहा है।

ऐसे बदली सोच 
 
एक्सपर्ट्स की मानें, तो सेक्स के मामले में बेझिझक पहल करने की सबसे बड़ी वजह महिलाओं का खुद के प्रति बदलता नजरिया है। आजकल लेडीज ने खुद को इस काबिल बनाया है कि वे आगे बढ़कर अपनी जिंदगी के फैसले तो ले ही रही हैं, बल्कि पारिवारिक व बाहरी मामलों में भी उनका इन्वॉल्वमेंट बढ़ गया है।


 इस रवैये से कहीं न कहीं उनकी निजी जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में वे हर जगह अपनी बात मजबूती से रख रही हैं, फिर वह बेडरूम ही क्यों न हो। डॉ. पारिख का कहना है कि इस तरह खुलकर डिमांड करने से रिश्तों में ज्यादा मच्योरिटी व नजदीकी आती है।

करती हैं एंजॉय 
 
सेक्स आपके बीच प्यार को बनाए रखने का बेहतर जरिया है। अगर हम प्यार की इस गहराई को समझने में देरी करेंगे, तो हमारे बीच दूरियां बढ़ना स्वाभाविक है। मैं सेक्स करने के लिए हमेशा पार्टनर की पहल का वेट नहीं करती।' कुछ ऐसी ही सोच प्राइवेट बैंक में काम करने वाली तान्या मुखर्जी की भी है। बकौल तान्या, 'जब पुरुष और महिलाओं का दर्जा बराबरी का है, तो हर बार पुरुष ही क्यों पहल करें? लेकिन हां, इसके लिए मैनेजमेंट जरूर करना होगा। आखिर आपको अपने शेड्यूल और बच्चों की जरूरतों को पूरा करके पार्टनर के लिए समय निकालना पड़ता है।' जबकि पेशे से टीचर रिद्धि का कहना है, 'सेक्स के दौरान मैं एंजॉय तो करती हूं, लेकिन थकान की वजह से पहल नहीं कर पाती।' वहीं, कॉल सेंटर में काम करने वाली सुलेखा का कहना है, 'सुबह कब शुरू होती है और शाम कब ढल जाती है, पता ही नहीं चलता।'
  
 

हम कहें तो साला कैरेक्टर ढीला है ...?

हम कहें तो साला कैरेक्टर ढीला है ...?
 क्या आप भी ऐसी किसी महिला के कॉन्टेक्ट में आए हैं जो यह कहने से न हिचकती हो कि उसे सेक्स चाहिए , इतना , उतना , ऐसे और वैसे चाहिए। कहने का तात्पर्य यह है कि सेक्स के लिए महिलाओं की मुखर मांगे क्या आपने भी सुनी हैं ? क्या आपकी महिला मित्र अपनी सेक्स संबंधी इच्छाओं को ले कर उतनी ही स्पष्ट और मुखर है जितने कि आपके सर्कल के मर्द लोग ? 
जी हां , यह आज के जमाने की औरत है। यह औरत कस्बे में भी है और महानगर में भी। यह घरेलू मगर पढ़ी - लिखी महिला भी है और हाई फाई प्रफेशनल भी। पुरुष महिलाओं की इस मुखरता पर हैरान भले ही हो लेकिन वह जानना चाहता है कि आखिर महिलाएं सेक्स को ले कर इतनी ' दीवानी ' क्यों हुई जा रही हैं ... 
दैहिक आवश्यकता की पूर्ति
मनोवैज्ञानिक सीमा नैना कहती हैं , सेक्स किसी भी व्यक्ति की मूलभूत जरूरत हो सकती है। और मेरे पास ऐसे कई केस आ रहे हैं जहां महिलाएं कहती हैं कि उनके पार्टनर उनकी फिजिकल नीड्स पूरी नहीं कर पा रहे हैं। संभवत : इसलिए वे सेक्स को लेकर मुखर और अडिक्ट होती जा रही हैं।  


खुद के प्रति पॉजिटिव फीलिंग
ग्रेट सेक्स का मतलब है कि आपने इसका भरपूर आनंद लिया है और आपका इसमें योगदान बराबरी का रहा है। हाउसवाइफ नीलम का कहना है कि थके- हारे पति के साथ शाम को सेक्स करने के बाद मुझे अच्छा लगता है कि मैं उन्हें आनंदित करने में कामयाब रही। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि महिलाएं अच्छे सेक्स के लिए अपने शरीर पर ध्यान देती हैं और खुद को लेकर प्रसन्न भी रहती हैं।  


बढ़ती हैं करीबियां
रिलेशनशिप एक्सपर्ट वंदना मित्रा कहती हैं , कपल्स को सेक्स को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सेक्स से करीबियां बढ़ती हैं और रिश्ता मजबूत होता है। सेक्स के दौरान ऑक्सीटोसिन हॉरमोन रिलीज होता है जिसे लव हारमोन कहा जाता है। अंकित ने मानी यह बात और बताया , जब उसकी गर्लफ्रेंड ने हफ्ते में कम से कम एक बार सेक्स की बात कही , तो पहले तो मैं हंसा पर बाद में मैंने पाया कि हां , ज्यादा सेक्स से करीबियां बढ़ती हैं।

 

तनाव से मुक्ति
सेक्स केवल शारीरिक आवश्यकता की पूर्ति करता हो , ऐसा नहीं है। कॉल सेंटर में काम करने वालीं नीतू कहती हैं कि जब भी मेरा दिन बहुत बुरा बीतता है , सेक्स करने के बाद मैं बहुत हल्का और तनाव रहित फील करती हूं। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि सेक्स के दौरान डीप ब्रीदिंग और टचिंग से ऐसे हॉरमोन रिलीज होते हैं जिनसे तनाव से मुक्ति मिलती है। 

 

सेक्स एक अच्छी एक्सरसाइज
इसके अलावा सेक्स एक अच्छी एक्सरसाइज भी है और 30 मिनट का सेक्स आपकी 85 कैलोरीज बर्न करता है।
    

दफ्तर में पुरुषों का भी सेक्सुअल हैरेसमेंट!

दफ्तर में पुरुषों का भी सेक्सुअल हैरेसमेंट!

 
अभी तक माना जाता था कि वर्क प्लेस पर सिर्फ महिलाएं यौन उत्पीड़न का शिकार होती हैं, लेकिन आज की तारीख में पुरुष भी ऐसी घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। कुछ अध्ययनों से यह साबित भी हुआ है। सरकार देश में एक ऐसी स्टडी कराने की योजना बना रही है, जिससे वर्कप्लेस पर पुरुषों के यौन उत्पीड़न की असल तस्वीर सामने आ सके। महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने यह जानकारी दी।

कौन करता है उत्पीड़न: अब तक हुए अध्ययनों से सामने आया है कि पुरुषों के उत्पीड़न के लिए महिला और पुरुष, दोनों जिम्मेदार हैं। माना जा रहा है कि इसके पीछे बदलती सोच है। पुरुषों के मामले में बॉस और सहकर्मी दोनों ही उनका उत्पीड़न करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ताकतवर पदों पर महिलाओं के सामने आने और होमोसेक्सुअल लोगों के प्रति बदली सोच के चलते ऐसी घटनाएं होने लगी हैं। अध्ययन में इन बातों पर भी विचार किया जाएगा।


दुनिया में क्या हो रहा है?

2009 में ईक्वल एंप्लॉयमेंट अमेरिका ऑपरट्यूनिटी कमिशन (ईईओसी) ने सर्वे कराया। नतीजे :

- 2009
में वर्क प्लेस पर पुरुषों के यौन उत्पीड़न की 2094 शिकायतें आई।

-
यह कमिशन के सामने आईं कुल शिकायतों का 16.4 फीसदी थीं।
हिंदुस्तान पर नजर :
2010 में ईटी-साइनोवेट ने देश के सात शहरों में एक सर्वे कराया। नतीजे :

-
बेंगलुरू में 32 फीसदी पुरुषों ने यौन उत्पीड़न की बात मानी।
- हैदराबाद में 29 फीसदी ने इसके लिए महिलाओं को जिम्मेदार बताया।

- 48
फीसदी पुरुषों ने पुरुषों और सहकमिर्यों को दोषी ठहराया।

-
दिल्ली में उत्पीड़न के शिकार पुरुषों में से 43 फीसदी ने महिलाओं और 43 फीसदी पुरुष बॉस और सहकर्मी को दोषी ठहराया।
सरकार जल्द ही संसद में वर्कप्लेस पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से बचाव संबंधी बिल लाने वाली है। मंत्रालय के पास ऐसे सुझाव आए हैं कि इस बिल को महिला और पुरुष में भेद करने वाला नहीं होना चाहिए।
 किन क्षेत्रों में ज्यादा होता है उत्पीड़न :
 ग्लैमर इंडस्ट्री, फिल्म और टेलिविजन इंडस्ट्री, डिफेंस सविर्सेज, प्रफेशनल कॉलेजों के हॉस्टल, बीपीओ, आईटी सेक्टर जैसे तमाम क्षेत्र हैं, जहां पुरुषों के उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती हैं। 
मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक, वैसे तो इस अध्ययन में देश के तमाम शहरों, तबकों और क्लास को शामिल किया जाएगा, लेकिन हमारा ध्यान ऐसे क्षेत्रों पर ज्यादा होगा, जहां ऐसी घटनाएं होने की संभावना ज्यादा है।


 

Sunday, 26 August 2012

sex toys is not safe for your health?

The topic of sex toy safety is not one people generally feel comfortable discussing; however, there are some very real considerations when it comes to your health and the sex toys you use. A healthy sex life is nothing to be ashamed of, but it is important to remain educated about the items used in or on your body.

How could a sex toy be dangerous?Aside from operator error, the main concern with sex toys is they are not regulated medical devices. What that means to the consumer is the FDA does not regulate what such toys are made out of. It’s possible one or more ingredients or materials in your sex toy could  potentially lead to cancer or allergic reactions. That being said, not much in the way of scientific investigation has been done along these lines, so while it can’t be said sex toys will cause cancer, it can’t be said they won’t, either.

The New York Times’ About.com reports evidence that phthalates has been found in a number of sex toys on the market, and studies have indicated large doses of phthalates cause damage to the liver, kidneys and hormones of mice.
In fact, in a 2002 FDA warning, the government cautioned about phthalate toxicity in male infants related to vinyl medical device exposure. Used to soften plastic, phthalates can break free from items over time and travel into the body.
  • Sexually transmitted diseases

     Not everyone shares sex toys, but for the group of individuals who do, and those with multiple sexual partners, The Information Standard cautions there is potential for contracting sexually transmitted infections (STIs) through sharing sexual accessories.

Toys can transmit diseases such as herpes, chlamydia and syphilis, as well as blood-borne illnesses like Hepatitis and HIV.
To prevent sex toys from being a breeding ground of disease, individuals should:

  • Consider not sharing sex toys
  • Clean toys after each use with warm water and soap, and let air dry
  • Store toys in clean and air-tight containers
  • Clean toys between use on different parts of the body
  • Use covers or condoms on toys used on multiple partners
  • Inspect toys regularly for damaged areas that may harbor bacteria

 

मर्दों की आदत बुरी


सेक्स के दौरान बरतें ये सावधानियां 

अक्सर पुरुषों की यह आदत होती है कि वह सेक्स को एक काम समझकर उसे जल्दी-जल्दी खत्म करने की कोशिश करते हैं, जबकि सेक्स के दौरान महिलाओं की इच्छा होती है कि वह फोरप्ले में उनके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताएं।

सेक्स शुरू करने से पहले महिलाओं को किस करना, अंगों का स्पर्श बेहद ही भाता है, लेकिन पुरुष फोरप्ले में ज्यादा रुचि नहीं दिखाते जो कि उनकी सबसे बड़ी गलती होती है। इसलिए जितना हो सके फोरप्ले का आनंद उठाएं और अपने पार्टनर को एक अच्छे सेक्स के लिए तैयार करें।

 पुरुषों की आदत होती है कि वह सेक्स के दौरान अपनी पार्टनर के साथ प्यार भरी बातें नहीं करते, जबकि एक अच्छें सेक्स के लिए यह बेहद जरूरी है। इस बारे में मनोचिकित्सक का कहना है कि अगर सेक्स से पहले पुरुष, स्त्री से प्यार भरी बातें नहीं करते है तो स्त्री को यही लगता है कि उसका पार्टनर सिर्फ जिस्म का भूखा है, प्यार का नहीं।  

 महिलाओं को अक्सर इस बात से शिकायत होती है कि उनका पार्टनर बिना उनकी इच्छा जाने उनके साथ सेक्स करने लगता है। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसका मन सेक्स करने के लिए है भी या नहीं, जो कि गलत है। पुरुषों को चाहिए कि सेक्स करने से पहले पार्टनर की इच्छा को जानें और फिर सेक्स की पहल करें।

 

कई महिलाओं को यह शिकायत होती है कि उनके पति सेक्स के दौरान जबरदस्ती करते हैं, जिसके चलते वह कई बार आहत भी होती है। मनोचिकित्सक का कहना है कि बिस्तर पर अपने पार्टनर से जबरदस्ती करना बहुत गलत होता है, क्योंकि सेक्स को हमेशा प्यार से जोड़ा जाता है।इसलिए सेक्स की शुरुआत प्यार से ही करनी चाहिए। महिला साथी को यह बिल्कुल भी नहीं लगना चाहिए कि आप उनके साथ जबरदस्ती कर रहे हैं।

 

कई पुरुषों की आदत होती है कि वह रोज अपने पार्टनर के साथ एक ही समय पर एक ही जगह पर सेक्स करना पसंद करते हैं। महिलाएं प्यार के अनुभवों को अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीकों से बटोरना पसंद करती है, लेकिन पुरुष इस बात को नहीं समझते।  सेक्स का आनंद उठाने के लिए जरूरी है कि अलग-अलग जगहों का चुनाव करें। मतलब बेड,सोफा, फर्श, कालीन इत्यादि। 

जब आप अपनी सेक्स लाइफ से इन गलतियों को दूर कर देंगे तो आप अपनी सेक्स लाइफ को और अधिक रोचक और आनंदमय पाएंगे। साथ ही आपके और आपके पार्टनर के बीच प्यार और अधिक गहरा होता जाएगा। 

 

सेक्स स्टैमिना बढ़ाने वाले योग

योग शरीर और मन से युवा बनाए रखने की ताकत रखता है, बशर्ते कि आप इसे नियमित करें। कुछ आसन तो सेक्स के स्टैमिना को बढ़ाने में भी मददगार हैं।

कुर्सी पर सीधे बैठें। गहरी सांसें लें और छोड़ें। सांस छोड़ते समय संवरणी(sphincter) मसल्स को संकुचित करें। अब फर्श पर आ जाएं और हाथों और घुटनों के बल लेट जाएं। आपके हाथ और जांघे फ्लोर और सीलिंग से एकदम लंबवत्त हों। कुछ गहरी सासें लें और एक्सरसाइज शुरू करें। जब जब सांस भीतर खींचे, अपनी छाती को बाहर की ओर खींचे (फुलाएं)और कूल्हे को पुल-अप करें। जब सांस बाहर फेंके, छाती को थोड़ा उठाएं और कूल्हे को बाहर की ओर धकेलें, इस दौरान अपनी गुदे की मसल्स को लिफ्ट करें। आप सही कर रहे हैं यदि यह सब कुछ ही सेकंड्स में आपको लयात्मक लगने लगे।

यह एक्सरसाइज सेक्शुअल स्टैमिना बढ़ाने के लिए बहुत बढ़िया है। पुश-अप की पॉजिशन में आएं। कारपेट या चटाई पर करें।
यह एक्सरसाइज भी जमीन जैसे सरफेस पर की जाती है। फोटो में जैसा दिखाया गया है, उसी के अनुसार लेटें। एख प्रकार से उल्टा लेटें। दोनो हाथ दोनों साइड्स में हों। जब सांस लें, छाती आगे की ओर खींचे, इस बीच अपने पैर, कूल्हा, पैर का ऊपरी हिस्सा जमीन से टिकाए रखें। अब धीरे धीरे हाथों को जमीन पर टिकाए हुए ऊपर उठें। शोल्डर चिपकाए रखें शरीर के साथ। पेट जमीन से चिपकाए रखें। कोहनियां थोड़ा पीछे की ओर खींचे और यही बार बार करें। हल्के हल्के इस पॉजिशन में रहते हुए ऐसे मूव करें जैसे कोबरा करता है। 

हाथों और घुटने पर पॉजिशन लें। जैसे जैसे ऊपर उठें, सांस छोड़ें। सिर को ऐसे ही रखें जैसे कि तस्वीर में दिखाया गया है। नाभि एरिया को ऊपर उठाएं। सांस लें और पीठ का इस तरह से आर्च (arch) बनाएं जैसे कि तस्वीर में दिखाया गया है। 
पैर के पंजे को कर्ल करते हुए सांस छोड़े और पंजों से चटाई पर दबाव डालें। इसी बीच घुटनों और कोहनियों को एकदम सीधा रखें जिससे कि बिल्कुल ऐसी ही पॉजिशन आ जाए जैसा कि दिखाई जा रही है।

अपनी चटाई पर बैठ जाएं और आगे की ओर बेंड (मुड़) जाएं। इससे स्पाइन और घुटने की नस पर खिंचाव होगा। आगे की ओर झुकते हुए पैर के अंगूठे को अपने हाथों के अंगूठे और उंगलियों से पकड़ें। सांस लेते में पीछे को आर्च बनाएं, छोड़ते समय ऐसे झुकें आगे की ओर कि सिर पैर की उंगलियों के नजदीक आ जाए और कोहनियां जमीन पर टिक जाएं। यह एक प्रकार की बोट पॉजिशन है।

टीन सेक्स (किशोरावस्था में सेक्स) और डाइवोर्स

जो महिलाएं अपनी किशोरावस्था में सेक्स करना शुरू कर देती हैं, उनके तलाक लेने के चांसेस ज्यादा होते हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं। यह कहना है एक स्टडी का, जिसने टीन सेक्स (किशोरावस्था में सेक्स) और डाइवोर्स के बीच संबंध जानने की कोशिश की है। 

यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के अध्ययन में पाया गया कि ऐसी 31 फीसदी महिलाएं जिन्होंने टीन एज में सेक्स किया, उन्होंने शादी के 5 साल के भीतर तलाक ले लिया। 47 फीसदी महिलाएं जिन्होंने टीनएज में सेक्स किया, ने शाद के 10 साल के भीतर डाइवोर्स ले लिया। 


दिलचस्प तथ्य यह है कि ऐसी महिलाओं, जिन्होंने वयस्क होने तक सेक्स करने का इंतजार किया यानी जिन्होंने किशोरावस्था में सेक्स नहीं किया, के तलाक के मामले कम थे। ऐसी 15 परसेंट महिलाओं ने 5 वें साल में, जबकि 27 परसेंट ने 10 वें साल में तलाक लिया। 

नैशनल सर्वे ऑफ फैमिली ग्रोथ के लिए जीवन में कभी न कभी शादी कर चुकीं 3,793 महिलाओं पर सर्वे करने वाले एंथनी पाइक ने कहा, 'रिजल्ट तो यही हैं हालांकि यह तर्क किया जा सकता है कि ऐडलेसेंट सेक्शुअलटी के कुछ डाउन-साइड्स भी होते हैं, जिसमें तलाक लेने के ज्यादा चांसेस भी शामिल हैं।' 
 इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा,'एक संभावना यह बनती है कि इन महिलाओं में सेक्शुअल एक्सपीरियंस जल्दी उम्र में हो जाने से ऐसी मान्यताएं और सोच कायम होने लगती है जिनसे कि डाइवोर्स ज्यादा होता है।' हालांकि यह भी एक संभावना यह बनती है कि जो महिलाएं किशोरावस्था में सेक्स कर लेती हैं, वे तलाक को लेकर पहले ही मन बना चुकी होती हैं। जिस सोच या बर्ताव की वजह से वे टीनेज में सेक्स को ले कर 'ओके' रहती हैं, वही एटिट्यूड उनकी शादी पर भी असर डालता होगा। यह एक प्रकार का सिलेक्शन एक्स्पलानेशन है।


हालांकि उनका कहना है कि अभी कोई भी निष्कर्ष देना बहुत जल्दबाजी करना होगा। यदि सेक्स के अनुभव मानसिक प्रताड़ना या किसी तरह के सदमे के तहत हों, तो इससे महिलाओं पर बुरा असर पड़ता है और उनकी रिश्तों को लेकर सोच काफी हद तक उनकी इस सोच से प्रभावित होती है जो ऐसे अनुभवों के बाद शेप लेती है। जरनल ऑफ मैरेज ऐंड फैमिली के अप्रैल अंक में इस सर्वे को छापा गया है। 

पॉर्न का चस्का...

मजे से टाइम पास तक चुपके - चुपके , यहां - वहां , पॉर्न देखने का गेम यहां चलता ही रहता है। घर से लेकर ऑफिस और स्कूल - कॉलेज से लेकर साइबर कैफे तक में पॉर्न दिल्ली में कहीं भी और कभी भी देख लिए जाते हैं। कभी दोस्तों के साथ मस्ती के लिए , तो कभी अकेले होने पर टाइम पास के लिए इन क्लिपिंग्स को देखना कोई माइंड नहीं करता। यही नहीं , कभी - कभी तो इसके लिए लोग ' डेयरिंग ऐक्ट्स ' भी दिखाते हैं। 

मोबाइल ने चढ़ाया शौक
हाइऐंड गैजट्स के भी लोग खूब दीवाने हैं और एक्सपर्ट्स की मानें , तो बढ़िया मोबाइल फोन पॉर्न का सबसे बड़ा सोर्स बन चुके हैं। मोबाइल की वजह से पॉर्न की पूरी लाइब्रेरी अब लोगों के साथ होती है। जब मूड हुआ और समय मिला , इससे दिल बहला लेते हैं लोग।स्मार्टफोन्स और 4 जी जैसी टेक्नॉलजी दूसरी तमाम सुविधाओं के साथ लोगों के लिए पॉर्न देखना भी आसान कर चुकी है। मैंने नोटिस किया है कि ऑफिस के वॉशरूम जैसी जगहों तक पर लोग इसे इंजॉय करते रहते हैं। '

 
इस मामले में ऑफिस का भी खूब यूज किया जाता है। ज्यादा जल्दी आने और देर तक रुकने वाले भी तमाम लोगों का ' डेडिकेशन ' आप चेक करने बैठेंगे , तो संभव है वहां भी कुछ पॉर्न निकल आए। ऑफिस के अंकल जी और बैचलर्स की इस मामले में जबर्दस्त जुगलबंदी होती है। आप उनके ' नेट हिस्ट्री ' में ऐसे बहुत से लिंक देख सकते हैं।


छोटी जगह का फंडा
ऑफिस की जिस एक कुर्सी पर पूरा दिन अजस्टमेंट में बीतता है , उतनी जगह पर तो कई कपल्स एक दिन में पॉर्न ऐक्ट तक इंजॉय कर लेते हैं। और ऐसा होता है अपनी साइबर कैफे में। नेट पर सर्च मारकर देखिए , कैफे के क्यूबिकल में क्या कहानी होती है , आपको पता चल जाएगा। वह भी पब्लिक प्लेस ही तो है !

वैसे , पॉर्न स्टफ देखना साइबर कैफेज़ में सेफ तो है ही। और जब आपने स्टफ देख लिया है , तो मूड तो सेट होगा ही। ऐसे में जब कोजी प्लेस में लवर का साथ हो , तो छोटा क्यूबिकल भी बड़ा बन जाता है।