Thursday, 6 September 2012
Wednesday, 5 September 2012
आखिर इस दर्द की दवा क्या है..?
खुशी देने वाला साथ जब दर्द देने लगे तो इसका अर्थ है कि कुछ तो गडबड
है। सेक्स संबंधों में दर्द की कई वजहें हो सकती हैं। कई बार स्त्रियां यह
सोच कर दर्द सहन कर लेती हैं कि कहीं पार्टनर हर्ट न हो। लेकिन समस्या
ज्यादा समय तक छिपाने से वह गंभीर हो सकती है। प्यार की राह में दर्द की
मुख्य वजहें क्या हैं, आइए जानें।
डर या कोई घटना
मैरिज काउंसलर और वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. भागरानी कालरा कहती हैं, इंटरकोर्स में दर्द की वजह मानसिक ज्यादा होती है। ऐसे समाज में जहां सेक्स को हश-हश अफेयर बना दिया गया हो और जहां लडकियों को शरीर के प्रति जरूरत से ज्यादा सावधान होने की शिक्षा दी जाती हो, वहां शादी के बाद भी वे सेक्स संबंधों के प्रति खुल नहीं पातीं। सेक्स उनके लिए हौवा बन जाता है। दूसरी ओर पति को खुश रखने की शिक्षा भी उन्हें दी जाती है। इन दो नई स्थितियों के बीच वे तालमेल नहीं बिठा पातीं। अतीत में हुई यौन हिंसा, पेरेंट्स के खराब रिश्तों या प्रेम संबंधों के कडवे अनुभवों के कारण भी सेक्स से नफरत हो जाती है।
क्या करें
खुद को सेक्स ऑब्जेक्ट न समझें। पार्टनर को दोस्त समझें और उससे अपनी फीलिंग्स शेयर करें। पति को भी ऐसी स्थिति में सहयोग और धैर्य का परिचय देना होगा। पत्नी के साथ कोई हादसा हुआ हो तो उसके प्रति संवेदनशील नजरिया रखें। काउंसलर की सलाह लें। समय के साथ यह समस्या ठीक हो जाती है।
पहली बार सेक्स
फोर्टिस हॉस्पिटल दिल्ली में प्रसूति और स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. संजीवनी खन्ना कहती हैं, शादी के बाद पहली बार इंटरकोर्स में हल्का दर्द होता है। कुछ सेशंस के दौरान ऐसा हो सकता है, लेकिन दर्द कई महीनों के बाद भी बना रहे तो मानसिक या शारीरिक समस्या हो सकती है। तब इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
क्या करें
कपल्स के बीच अच्छा संवाद जरूरी है। शुरुआती दौर में थोडी हिचक होती है। जैसे-जैसे पति-पत्नी एक-दूसरे से खुलने लगते हैं, हिचक खत्म होती है और सेक्सुअल संबंध भी बेहतर होते हैं। सेक्स को महज शारीरिक क्रिया न बनाएं, बल्कि भावनात्मक लगाव भी रखें।
फोरप्ले में कम समय
वैवाहिक मामलों की सलाहकार डॉ. वसंता आर. पत्रे कहती हैं, कई बार पुरुष सेक्स के मामले में स्वार्थी होता है। वह फोरप्ले में समय नहीं लगाना चाहता। सेक्स संबंधों में फोरप्ले की बडी भूमिका है। स्त्री मन से तैयार न हो और सिर्फ पुरुष की ख्ाुशी के लिए सेक्स संबंध बना ले तो दर्द होगा। यह स्थिति आगे भी बनी रहे तो परिणाम घातक हो सकते हैं।
क्या करें
फोरप्ले में पर्याप्त समय लगाना जरूरी है। कई स्त्रियों को फोरप्ले में सेक्स से भी ज्यादा खुशी मिलती है। सेक्स एंजॉय करना दोनों का अधिकार है और आपसी रिश्ते भी तभी मजबूत हो सकते हैं, जब एक-दूसरे की इच्छा का सम्मान किया जाए।
रोग भी है दर्द की वजह
डॉ. खन्ना कहती हैं, पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी), एंड्रोमैट्रियोसिस, यूट्राइन फायब्रॉयड्स या ओवरियन सिस्ट के कारण भी इंटरकोर्स में दर्द हो सकता है। इसके अलावा बढती आयु में हार्मोनल बदलावों या मेनोपॉज के कारण भी दर्द की शिकायत हो सकती है। बच्चे के जन्म के तुरंत बाद भी सेक्स प्रक्रिया तकलीफदेह होती है। लेकिन दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कभी-कभी वजाइना की मसल्स टाइट होने के कारण दर्द होता है। शादी के शुरुआती दौर में कपल्स को यूटीआई की समस्या भी हो सकती है, जिसे मेडिकल भाषा में हनीमून सिस्टाइटिस कहा जाता है। यह यूरेथ्रा में ई.कोलाइ बैक्टीरिया के पनपने से हो सकता है। इस संक्रमण में यूरिनेशन में तेज दर्द, जलन या बार-बार यूरिनेशन की शिकायत हो सकती है। इसमें यूरिन का रंग बदल सकता है और प्यूबिक बोन के ऊपर दर्द हो सकता है।
क्या करें
यह आम समस्या है, जिसमें डॉक्टर ओरल लिक्विड्स या एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह दे सकते हैं। इलाज के दौरान इंटरकोर्स से दूर रहना अच्छा है। अगर वजाइना की मसल्स टाइट होने के कारण दर्द हो तो ल्युब्रिकेंट का प्रयोग करें। कई बार गंभीर रोगों, सर्जरी या किसी मानसिक आघात के कारण भी सेक्स संबंधों में दर्द हो सकता है।
पुरुषों को भी होता है दर्द
पुरुषों को भी सेक्स के दौरान दर्द की शिकायत हो सकती है। एग्जीमा या बैक्टीरियल इन्फेक्शन के अलावा यदि फोरस्किन बहुत टाइट हो तो पहली बार सेक्स के दौरान दर्द होता है। फोरस्किन खुली न हो तो इसके लिए छोटी सी सर्जरी की जरूरत पडती है। यूटीआई या प्रोस्टेट ग्लैंड में इन्फ्लेमेशन की समस्या से भी पुरुषों को दर्द हो सकता है।
डर या कोई घटना
मैरिज काउंसलर और वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. भागरानी कालरा कहती हैं, इंटरकोर्स में दर्द की वजह मानसिक ज्यादा होती है। ऐसे समाज में जहां सेक्स को हश-हश अफेयर बना दिया गया हो और जहां लडकियों को शरीर के प्रति जरूरत से ज्यादा सावधान होने की शिक्षा दी जाती हो, वहां शादी के बाद भी वे सेक्स संबंधों के प्रति खुल नहीं पातीं। सेक्स उनके लिए हौवा बन जाता है। दूसरी ओर पति को खुश रखने की शिक्षा भी उन्हें दी जाती है। इन दो नई स्थितियों के बीच वे तालमेल नहीं बिठा पातीं। अतीत में हुई यौन हिंसा, पेरेंट्स के खराब रिश्तों या प्रेम संबंधों के कडवे अनुभवों के कारण भी सेक्स से नफरत हो जाती है।
क्या करें
खुद को सेक्स ऑब्जेक्ट न समझें। पार्टनर को दोस्त समझें और उससे अपनी फीलिंग्स शेयर करें। पति को भी ऐसी स्थिति में सहयोग और धैर्य का परिचय देना होगा। पत्नी के साथ कोई हादसा हुआ हो तो उसके प्रति संवेदनशील नजरिया रखें। काउंसलर की सलाह लें। समय के साथ यह समस्या ठीक हो जाती है।
पहली बार सेक्स
फोर्टिस हॉस्पिटल दिल्ली में प्रसूति और स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. संजीवनी खन्ना कहती हैं, शादी के बाद पहली बार इंटरकोर्स में हल्का दर्द होता है। कुछ सेशंस के दौरान ऐसा हो सकता है, लेकिन दर्द कई महीनों के बाद भी बना रहे तो मानसिक या शारीरिक समस्या हो सकती है। तब इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
क्या करें
कपल्स के बीच अच्छा संवाद जरूरी है। शुरुआती दौर में थोडी हिचक होती है। जैसे-जैसे पति-पत्नी एक-दूसरे से खुलने लगते हैं, हिचक खत्म होती है और सेक्सुअल संबंध भी बेहतर होते हैं। सेक्स को महज शारीरिक क्रिया न बनाएं, बल्कि भावनात्मक लगाव भी रखें।
फोरप्ले में कम समय
वैवाहिक मामलों की सलाहकार डॉ. वसंता आर. पत्रे कहती हैं, कई बार पुरुष सेक्स के मामले में स्वार्थी होता है। वह फोरप्ले में समय नहीं लगाना चाहता। सेक्स संबंधों में फोरप्ले की बडी भूमिका है। स्त्री मन से तैयार न हो और सिर्फ पुरुष की ख्ाुशी के लिए सेक्स संबंध बना ले तो दर्द होगा। यह स्थिति आगे भी बनी रहे तो परिणाम घातक हो सकते हैं।
क्या करें
फोरप्ले में पर्याप्त समय लगाना जरूरी है। कई स्त्रियों को फोरप्ले में सेक्स से भी ज्यादा खुशी मिलती है। सेक्स एंजॉय करना दोनों का अधिकार है और आपसी रिश्ते भी तभी मजबूत हो सकते हैं, जब एक-दूसरे की इच्छा का सम्मान किया जाए।
रोग भी है दर्द की वजह
डॉ. खन्ना कहती हैं, पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी), एंड्रोमैट्रियोसिस, यूट्राइन फायब्रॉयड्स या ओवरियन सिस्ट के कारण भी इंटरकोर्स में दर्द हो सकता है। इसके अलावा बढती आयु में हार्मोनल बदलावों या मेनोपॉज के कारण भी दर्द की शिकायत हो सकती है। बच्चे के जन्म के तुरंत बाद भी सेक्स प्रक्रिया तकलीफदेह होती है। लेकिन दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कभी-कभी वजाइना की मसल्स टाइट होने के कारण दर्द होता है। शादी के शुरुआती दौर में कपल्स को यूटीआई की समस्या भी हो सकती है, जिसे मेडिकल भाषा में हनीमून सिस्टाइटिस कहा जाता है। यह यूरेथ्रा में ई.कोलाइ बैक्टीरिया के पनपने से हो सकता है। इस संक्रमण में यूरिनेशन में तेज दर्द, जलन या बार-बार यूरिनेशन की शिकायत हो सकती है। इसमें यूरिन का रंग बदल सकता है और प्यूबिक बोन के ऊपर दर्द हो सकता है।
क्या करें
यह आम समस्या है, जिसमें डॉक्टर ओरल लिक्विड्स या एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह दे सकते हैं। इलाज के दौरान इंटरकोर्स से दूर रहना अच्छा है। अगर वजाइना की मसल्स टाइट होने के कारण दर्द हो तो ल्युब्रिकेंट का प्रयोग करें। कई बार गंभीर रोगों, सर्जरी या किसी मानसिक आघात के कारण भी सेक्स संबंधों में दर्द हो सकता है।
पुरुषों को भी होता है दर्द
पुरुषों को भी सेक्स के दौरान दर्द की शिकायत हो सकती है। एग्जीमा या बैक्टीरियल इन्फेक्शन के अलावा यदि फोरस्किन बहुत टाइट हो तो पहली बार सेक्स के दौरान दर्द होता है। फोरस्किन खुली न हो तो इसके लिए छोटी सी सर्जरी की जरूरत पडती है। यूटीआई या प्रोस्टेट ग्लैंड में इन्फ्लेमेशन की समस्या से भी पुरुषों को दर्द हो सकता है।
देखो कहीं उसके बाद सो ना जाना
देखो कहीं उसके बाद सो ना जाना
यह बात सेक्सि्टकेट्स के खिलाफ है कि एक बेहतरीन सेशन के बाद पार्टनर तुरंत करवट बदल कर सो जाए। आमतौर पर स्त्रियों की शिकायत होती है कि उनका पार्टनर सेक्स के तुरंत बाद सो जाता है। सेक्सपर्ट्स मानते हैं कि बेडरूम में पिलो टॉक की भूमिका बहुत अहम है। लेकिन अब साइंस इस बात को पुख्ता करता है कि पिलो टॉक स्त्रियों व पुरुषों के लिए समान रूप से फायदेमंद है।
इसी बात को थोडा और स्पष्ट करता है मिशिगन यूनिवर्सिटी में हुआ एक शोध। यहां के मनोवैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि यदि सेक्स संबंधों के तुरंत बाद पुरुष सो जाता है तो उसकी पार्टनर के मन में कुछ रोमैंटिक इच्छाएं बची रह जाती हैं और अगली सुबह भी वे रोमैंटिक मूड में रहती हैं। यह तो शोध का एक पहलू है, दूसरा पहलू यह है कि ऐसा कभी-कभी ही होना चाहिए। अगर लंबे समय तक ऐसा होता रहे तो कपल्स के बीच दूरियां भी बढ सकती हैं।
सेक्स के बाद किसी को तुरंत नींद आ जाए तो इससे पार्टनर के मन में प्यार की इच्छा बढ जाती है.., कहते हैं शोध के मुख्य लेखक और रिसर्च फेलो डेनियल क्रुगर।
जर्नल ऑफ सोशल, एवलूशनरी एंड कल्चरल साइकोलॉजी में प्रकाशित इस शोध में 456 लोगों ने हिस्सा लिया था। यह एक ऑनलाइन सर्वे था। इसमें पोस्ट-सेक्स बिहेवियर का अध्ययन किया गया, साथ ही रिश्तों में बॉण्डिंग को भी जानने की कोशिश की गई। शोध में सेक्सुअल बिहेवियर के कई पहलुओं का अध्ययन किया गया। यह पाया गया कि आमतौर पर स्त्रियों को बेडरूम में जाते ही नींद आ जाती है, जबकि पुरुष अपेक्षाकृत देर से सोते हैं।
इसका एक कारण यह है कि वे पार्टनर को सेक्स के लिए तैयार करने की कोशिश करते हैं। लेकिन सेक्स सेशन पूरा होते ही उन्हें सोने की जल्दी रहती है। अमूमन तो ऐसा उनके शरीर में मौजूद केमिकल्स के कारण होता है, लेकिन कई बार वे जानबूझ कर भी बातचीत नहीं करना चाहते। स्त्रियां सेक्स के बाद बातें करना पसंद करती हैं। लेकिन पुरुष रोमैंटिक फीलिंग्स को सही ढंग से अभिव्यक्त करने में परेशानी महसूस करते हैं। कई बार इसलिए भी वे जल्दी सोते हैं क्योंकि वे कमिटमेंट से बचना चाहते हैं।
क्यों आती है पुरुषों को नींद
अच्छे सेक्स संबंध के बाद गहरी नींद आती है। इसका कारण है शरीर की थकान मिटना, ऊर्जा बाहर निकलना, कैलरी बर्न होना और तनाव कम होना। इससे शरीर व मन हलका और सहज महसूस करने लगता है। पुरुषों में मौजूद ऑक्सीटोसिन और प्रोलेक्टिन हॉर्मोस के कारण ऐसा होता है। ऑक्सीटोसिन पावरफुल हॉर्मोन है। जब हम किसी को हग या किस करते हैं तो यह हॉर्मोन सक्रिय हो जाता है। यह मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर की तरह काम करता है। जीवनसाथी के साथ बॉण्डिंग में इसकी बडी भूमिका है। प्रोलेक्टिन हॉर्मोन का प्रभाव शरीर पर तीन सौ से भी अधिक तरह से पड सकता है। लेकिन सेक्स के बाद नींद दिलाने में इसकी बडी भूमिका है। जैसे ही शरीर राहत महसूस करता है, प्रोलेक्टिन सक्रिय हो जाता है और इससे नींद आ जाती है।
नींद कहीं दूर न कर दे
शोध का मकसद यह पता करना भी था कि क्या रिश्तों का भविष्य सेक्स संबंधों के व्यवहार पर भी निर्भर करता है? शोधकर्ताओं ने माना कि यदि पुरुष इंटरकोर्स के तुरंत बाद बिना वजह बातचीत करने या नजदीकी दिखाने से कतराता है तो धीरे-धीरे स्त्री उससे अलगाव महसूस करने लगती है। सेक्स के बाद सोने की हडबडी रिश्तों का भविष्य बिगाड सकती है। इसलिए सतर्क रहें, ऐसा न करें। रिश्तों में गर्माहट कैसे कायम रखें, इसके लिए दिल्ली की वरिष्ठ मैरिज काउंसलर डॉ. बसंता आर. पत्रे दे रही हैं कुछ टिप्स-
- सेक्स सेशन के तुरंत बाद सोने से पार्टनर हर्ट होता है, इसलिए कुछ पल बातचीत के लिए जरूर बचाए रखें। नींद पर थोडी देर नियंत्रण रखें।
- पार्टनर को हग और किस करें, हाथ पकडें या धीरे-धीरे बालों पर हाथ फेरें। शरीर के मिलन के बाद भावनात्मक स्तर पर भी बॉण्डिंग जरूरी है।
- पार्टनर से पूछें कि उसे कैसा लगा और वह क्या चाहता है, ताकि अगली बार उसकी इच्छाओं का ध्यान रख सकें।
- बेडरूम महज सेक्स रिलेशनशिप बनाने के लिए नहीं है। इसके पहले और बाद का माहौल भी रिश्ते का भविष्य तय करता है। पिलो टॉक से न भागें। एक-दूसरे की जरूरतें समझेंगे तो सेक्स क्रिया वाकई रोमांचक हो जाएगी।
- अपनी सेक्स लाइफ की तुलना पोर्न से न करें। अगर आप यह सोचते हैं कि
पोर्न देखने वालों की सेक्स लाइफ अच्छी होती है तो आप गलत ट्रैक पर हैं।
पोर्न इंडस्ट्री सिर्फ लोगों की सेक्स फैंटसीज के आधार पर फल-फूल रही है,
जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं। रीअल सेक्स लाइफ बिलकुल अलग है।
किसी दोस्त की सेक्स लाइफ से भी अपनी सेक्स लाइफ की तुलना कभी न करें। हर
किसी की सेक्सुअल नीड्स और जिंदगी का ढर्रा अलग-अलग होता है।
- अगर पार्टनर को सेक्स के दौरान पूरी संतुष्टि न हुई हो और वह दोबारा सेक्स चाहता हो तो उसकी मांग को नजर अंदाज न करें।
- सेक्स के तुरंत बाद अपना मोबाइल फोन चेक करने, मैसेज भेजने या लैपटॉप लेकर बैठ जाने जैसी गलती न करें।
- रोमैंटिक बातों के तुरंत बाद सुबह जल्दी उठने, ब्रेकफस्ट या लंच में क्या बनेगा.., बिल कैसे भरे जाएंगे..जैसी बातें भी डिस्कस न करें। माहौल को कुछ देर तक रोमैंटिक बनाए रखें। कुछ पल सारी जिम्मेदारियां भूल कर एक-दूसरे के साथ का लुत्फ उठाएं।
- एक-दूसरे के शरीर का स्पर्श होने दें। इससे रिश्ते में मजबूती आती है।
यह बात सेक्सि्टकेट्स के खिलाफ है कि एक बेहतरीन सेशन के बाद पार्टनर तुरंत करवट बदल कर सो जाए। आमतौर पर स्त्रियों की शिकायत होती है कि उनका पार्टनर सेक्स के तुरंत बाद सो जाता है। सेक्सपर्ट्स मानते हैं कि बेडरूम में पिलो टॉक की भूमिका बहुत अहम है। लेकिन अब साइंस इस बात को पुख्ता करता है कि पिलो टॉक स्त्रियों व पुरुषों के लिए समान रूप से फायदेमंद है।
इसी बात को थोडा और स्पष्ट करता है मिशिगन यूनिवर्सिटी में हुआ एक शोध। यहां के मनोवैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि यदि सेक्स संबंधों के तुरंत बाद पुरुष सो जाता है तो उसकी पार्टनर के मन में कुछ रोमैंटिक इच्छाएं बची रह जाती हैं और अगली सुबह भी वे रोमैंटिक मूड में रहती हैं। यह तो शोध का एक पहलू है, दूसरा पहलू यह है कि ऐसा कभी-कभी ही होना चाहिए। अगर लंबे समय तक ऐसा होता रहे तो कपल्स के बीच दूरियां भी बढ सकती हैं।
सेक्स के बाद किसी को तुरंत नींद आ जाए तो इससे पार्टनर के मन में प्यार की इच्छा बढ जाती है.., कहते हैं शोध के मुख्य लेखक और रिसर्च फेलो डेनियल क्रुगर।
जर्नल ऑफ सोशल, एवलूशनरी एंड कल्चरल साइकोलॉजी में प्रकाशित इस शोध में 456 लोगों ने हिस्सा लिया था। यह एक ऑनलाइन सर्वे था। इसमें पोस्ट-सेक्स बिहेवियर का अध्ययन किया गया, साथ ही रिश्तों में बॉण्डिंग को भी जानने की कोशिश की गई। शोध में सेक्सुअल बिहेवियर के कई पहलुओं का अध्ययन किया गया। यह पाया गया कि आमतौर पर स्त्रियों को बेडरूम में जाते ही नींद आ जाती है, जबकि पुरुष अपेक्षाकृत देर से सोते हैं।
इसका एक कारण यह है कि वे पार्टनर को सेक्स के लिए तैयार करने की कोशिश करते हैं। लेकिन सेक्स सेशन पूरा होते ही उन्हें सोने की जल्दी रहती है। अमूमन तो ऐसा उनके शरीर में मौजूद केमिकल्स के कारण होता है, लेकिन कई बार वे जानबूझ कर भी बातचीत नहीं करना चाहते। स्त्रियां सेक्स के बाद बातें करना पसंद करती हैं। लेकिन पुरुष रोमैंटिक फीलिंग्स को सही ढंग से अभिव्यक्त करने में परेशानी महसूस करते हैं। कई बार इसलिए भी वे जल्दी सोते हैं क्योंकि वे कमिटमेंट से बचना चाहते हैं।
क्यों आती है पुरुषों को नींद
अच्छे सेक्स संबंध के बाद गहरी नींद आती है। इसका कारण है शरीर की थकान मिटना, ऊर्जा बाहर निकलना, कैलरी बर्न होना और तनाव कम होना। इससे शरीर व मन हलका और सहज महसूस करने लगता है। पुरुषों में मौजूद ऑक्सीटोसिन और प्रोलेक्टिन हॉर्मोस के कारण ऐसा होता है। ऑक्सीटोसिन पावरफुल हॉर्मोन है। जब हम किसी को हग या किस करते हैं तो यह हॉर्मोन सक्रिय हो जाता है। यह मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर की तरह काम करता है। जीवनसाथी के साथ बॉण्डिंग में इसकी बडी भूमिका है। प्रोलेक्टिन हॉर्मोन का प्रभाव शरीर पर तीन सौ से भी अधिक तरह से पड सकता है। लेकिन सेक्स के बाद नींद दिलाने में इसकी बडी भूमिका है। जैसे ही शरीर राहत महसूस करता है, प्रोलेक्टिन सक्रिय हो जाता है और इससे नींद आ जाती है।
नींद कहीं दूर न कर दे
शोध का मकसद यह पता करना भी था कि क्या रिश्तों का भविष्य सेक्स संबंधों के व्यवहार पर भी निर्भर करता है? शोधकर्ताओं ने माना कि यदि पुरुष इंटरकोर्स के तुरंत बाद बिना वजह बातचीत करने या नजदीकी दिखाने से कतराता है तो धीरे-धीरे स्त्री उससे अलगाव महसूस करने लगती है। सेक्स के बाद सोने की हडबडी रिश्तों का भविष्य बिगाड सकती है। इसलिए सतर्क रहें, ऐसा न करें। रिश्तों में गर्माहट कैसे कायम रखें, इसके लिए दिल्ली की वरिष्ठ मैरिज काउंसलर डॉ. बसंता आर. पत्रे दे रही हैं कुछ टिप्स-
- सेक्स सेशन के तुरंत बाद सोने से पार्टनर हर्ट होता है, इसलिए कुछ पल बातचीत के लिए जरूर बचाए रखें। नींद पर थोडी देर नियंत्रण रखें।
- पार्टनर को हग और किस करें, हाथ पकडें या धीरे-धीरे बालों पर हाथ फेरें। शरीर के मिलन के बाद भावनात्मक स्तर पर भी बॉण्डिंग जरूरी है।
- पार्टनर से पूछें कि उसे कैसा लगा और वह क्या चाहता है, ताकि अगली बार उसकी इच्छाओं का ध्यान रख सकें।
- बेडरूम महज सेक्स रिलेशनशिप बनाने के लिए नहीं है। इसके पहले और बाद का माहौल भी रिश्ते का भविष्य तय करता है। पिलो टॉक से न भागें। एक-दूसरे की जरूरतें समझेंगे तो सेक्स क्रिया वाकई रोमांचक हो जाएगी।
- अपनी सेक्स लाइफ की तुलना पोर्न से न करें। अगर आप यह सोचते हैं कि
पोर्न देखने वालों की सेक्स लाइफ अच्छी होती है तो आप गलत ट्रैक पर हैं।
पोर्न इंडस्ट्री सिर्फ लोगों की सेक्स फैंटसीज के आधार पर फल-फूल रही है,
जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं। रीअल सेक्स लाइफ बिलकुल अलग है।
किसी दोस्त की सेक्स लाइफ से भी अपनी सेक्स लाइफ की तुलना कभी न करें। हर
किसी की सेक्सुअल नीड्स और जिंदगी का ढर्रा अलग-अलग होता है। - अगर पार्टनर को सेक्स के दौरान पूरी संतुष्टि न हुई हो और वह दोबारा सेक्स चाहता हो तो उसकी मांग को नजर अंदाज न करें।
- सेक्स के तुरंत बाद अपना मोबाइल फोन चेक करने, मैसेज भेजने या लैपटॉप लेकर बैठ जाने जैसी गलती न करें।
- रोमैंटिक बातों के तुरंत बाद सुबह जल्दी उठने, ब्रेकफस्ट या लंच में क्या बनेगा.., बिल कैसे भरे जाएंगे..जैसी बातें भी डिस्कस न करें। माहौल को कुछ देर तक रोमैंटिक बनाए रखें। कुछ पल सारी जिम्मेदारियां भूल कर एक-दूसरे के साथ का लुत्फ उठाएं।
- एक-दूसरे के शरीर का स्पर्श होने दें। इससे रिश्ते में मजबूती आती है।
क्या आप चुंबन के एक्सपर्ट हैं?
क्या आप चुंबन के एक्सपर्ट हैं?
किस यानी चुंबन। इसकी बात चले तो हर कोई यही कहेगा कि मैं इसमें मास्टर हूं। हर व्यक्ति यही कहेगा कि इसमें क्या है, किस करना तो सबसे आसान काम है। क्या आप भी यही सोचते हैं, कि आप 'किसिंग मास्टर' हैं। यदि हां तो बात कहने से पहले जरा सोच लीजिए, क्योंकि हो सकता है आप इस मामले में बहुत पीछे हों। खैर हम आज बात करेंगे कि बेहतरीन किस किसे कहते हैं। कई बार लोगों को लगता है अब चुंबन में क्या रखा है? इसी लिए वो इसकी गहराई समझ नहीं पाते। चुंबन के समय सबसे अहम होता है कि आप अपने पार्टनर को किस तरह पकड़े हुए हैं। या फिर चुंबन के समय आपकी प्रतिक्रिया क्या होती है। लिप किस यानी होठ से होंठ मिलाकर चुंबन का असीम अनुभव प्राप्त करने के लिए आप अपने पार्टनर को अपनी बाहों में भर लें। उसे जरा भी ढीला न छोड़ें। साथ ही किस के दौरान सबसे पहले पार्टनर के बालों में अपने हाथ ले जाएं, वहां से पीठ पर और फिर कमर तक सहलाते हुए ले जाएं।
इससे आपकी पार्टनर
आपके काफी करीब महसूस करेगी। यही बात महिलाओं पर भी लागू होती है। बेहतर
होगा कि लिप किस के दौरान चेहरे के किसी अन्य भाग पर किस मत करें। उससे
सेक्स अनुभव कम होता है। लिप किस भी पंद्रह मिनट से ज्यादा नहीं होन
चाहिए, वरना उबाऊ हो सकता है। होठों के बाद दूसरा टार्गेट गर्दन के पीछे का हिस्सा होना चाहिए। उससे
महिलाओं को बेहतरीन अनुभूति होती है। धीरे-धीरे गर्दन के चारों ओर और फिर
कंधे पर। अच्छा होगा यदि आप सबसे अंत में गाल पर किस करें। किस के दौरान
अगर अपने पार्टनर की छाती पर और फिर कमर के हिस्से पर मसाज करते हैं, तो
संभोग के लिए उत्तेजना बढ़ती है।
संभोग के दौरान चुंबन उन महिलाओं
के लिए सहायक साबित होता है, जिन्हें चरम सीमा तक पहुंचने में काफी देर
लगती है। पुरुषों को हमेशा यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि चुंबन संभोग की
एक अहम क्रिया है, लिहाजा उन्हें अपने मुंह को साफ रखना चाहिए। यदि आपके
मुंह से दुर्गंध आती है, तो माउथ फ्रेशनर का प्रयोग करें, क्योंकि इससे न
केवल आपकी पार्टनर का मजा ठंडा हो जाएगा, बल्कि आपको भी सेक्स करने में
मज़ा नहीं आएगा। यही बात महिलाओं पर भी लागू होती है।
सबसे
पहले आपको यह मानना होगा कि चुंबन हमारे जीवन का बहुत अहम हिस्सा है।
इसके माध्यम से आप अपने पार्टनर को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी
करीब ला सकते हैं। आपका किस आपके बिगड़ते संबंधों को मजबूत कर सकता है।
आपका किस आपकी पूरी राह तो सुहावनी बना सकता है। यही नहीं चुंबन आपको संभोग
से भी ज्यादा बेहतरीन अनुभव प्रदान कर सकता है।
Tuesday, 4 September 2012
महिला साथी को उत्तेजित करने के 5 बेहतरीन सेक्स पोजिशन
महिला साथी को उत्तेजित करने के 5 बेहतरीन सेक्स पोजिशन
एक बेहतर सेक्स लाईफ के लिए सेक्स के तरीकों के बारें में पूरी जानकारी रखना बेहद जरूरी होता है। इसके अलवा यदि आप सेक्स करने के बेहतर तरीकों को जानतें है तो आप अपनी सेक्स लाइफ को और भी रोचक बना सकतें है। इसके अलावा एक बेहतर सेक्स के लिए पोजिशन की जानकारी होना भी बेहद जरूरी होता है।
गलत ढंग से किया गया सेक्स, या फिर एक ही तरह से हर रोज संभोग आपके सेक्स जीवन में खटास और स्थिलता दोनों ही ला सकता है। लेकिन आप घबराइयें मत हम आज आपको इस लेख में 5 ऐसे तरीकों के बारें में बतायेंगे जिन्हे जानकर आप अपनी सेक्स लाईफ को और भी रोचज बना सकेंगे। साथ ही इन पोजिशन की मदद से अपने महिला साथी को पूर्णतया: उत्तेजित कर सकेंगे। आइयें संक्षेप में जानतें है उन पांच पोजिशन के बारें में जिससे आप अपनी सेक्स लाइफ को और भी बेहतरीन बना सकतें है।
आप अपने साथी को सोफे पर लीटा कर उनके पीछे लेट जाये, और इस दौरान उन्हे बहुत ही प्यार से अपनी तरफ खींच लेवें। साथी को इस बात का अहसास करायें कि आप उनको प्यार करने के लिए पूरी तरह बेताब है और उन्हे बेहतर आनंद की अनुभूति कराने जा रहें है। इस पोजिशन को महिलाओं द्वारा बहुत पसंद किया जाता है।
रोजाना की तरह केवल एक ही पोजिशन में सेक्स करने के कारण आपकी साथी सेक्स के बेहतरीन रोमांच के लिए बोर हो जायेंगी। तो अपने साथी के साथ सामान्यत: सेक्स करने के अलावा संभोग के दौरान झटकों का प्रयोग करें। यकीन मानिए संभोग के दौरान दिये गये झटके आपके और साथी दोनों के वाइल्ड सेक्स की इच्छा को और भी तेज कर देंगे।
इसके अलावा आप एक जगह बैठ जाये और अपने महिला साथी को अपनी गोद में बिठायें और उन्हे प्यार भरी बाहों से तेजी से पकड़ ले। इस पोजिशन में आप अपने शरीर के अंगों का पूरा स्पर्श उन्हे दे जिसे वो महसूस कर सकें। इस दौरान आपकी साथी अपने नितम्ब को आपके गुप्तांग पर रगडेंगी तो उनका पूरा साथ दे और उन्हे आनंद का अहसास करायें।
डॉगी स्टाईल महिला और पुरूष दोनों को बेहद पसंद होता है। इस तरीके में आप अपने साथी को घुटने के बल बैठा कर खुद को उनके पीछे कर लेवें और अपने अंग का स्पर्श उनके नितम्ब पर करायें। इस दौरान आप अपने हाथों से उनके स्तन पर रखें और पीछे से उनकी पीठ आदि पर चुंबन करें। यकीन मानिए इस पोजिशन में आपकी महिला साथी बेहद उत्तेजित हो जायेंगी।
महिलाओं को सदैव यह पसंद होता है कि पुरूष उनके उपर रहें और उन्हे खुब सारा प्यार करें। तो आप इस पोजिशन के लिए साथी को प्यार से बिस्तर पर लिटाकर उनके उपर हो लें। ध्यान रखें सेक्स के दौरान साथी को झटकों से उत्तेजित करने की कोशिश करें। इस तरह आप अपनी सेक्स लाईफ में इन पोजिशन को शामिल कर अपनी रातों को और भी रंगीन औश्र जवां बना सकतें है।
एक बेहतर सेक्स लाईफ के लिए सेक्स के तरीकों के बारें में पूरी जानकारी रखना बेहद जरूरी होता है। इसके अलवा यदि आप सेक्स करने के बेहतर तरीकों को जानतें है तो आप अपनी सेक्स लाइफ को और भी रोचक बना सकतें है। इसके अलावा एक बेहतर सेक्स के लिए पोजिशन की जानकारी होना भी बेहद जरूरी होता है।
गलत ढंग से किया गया सेक्स, या फिर एक ही तरह से हर रोज संभोग आपके सेक्स जीवन में खटास और स्थिलता दोनों ही ला सकता है। लेकिन आप घबराइयें मत हम आज आपको इस लेख में 5 ऐसे तरीकों के बारें में बतायेंगे जिन्हे जानकर आप अपनी सेक्स लाईफ को और भी रोचज बना सकेंगे। साथ ही इन पोजिशन की मदद से अपने महिला साथी को पूर्णतया: उत्तेजित कर सकेंगे। आइयें संक्षेप में जानतें है उन पांच पोजिशन के बारें में जिससे आप अपनी सेक्स लाइफ को और भी बेहतरीन बना सकतें है।
आप अपने साथी को सोफे पर लीटा कर उनके पीछे लेट जाये, और इस दौरान उन्हे बहुत ही प्यार से अपनी तरफ खींच लेवें। साथी को इस बात का अहसास करायें कि आप उनको प्यार करने के लिए पूरी तरह बेताब है और उन्हे बेहतर आनंद की अनुभूति कराने जा रहें है। इस पोजिशन को महिलाओं द्वारा बहुत पसंद किया जाता है।
रोजाना की तरह केवल एक ही पोजिशन में सेक्स करने के कारण आपकी साथी सेक्स के बेहतरीन रोमांच के लिए बोर हो जायेंगी। तो अपने साथी के साथ सामान्यत: सेक्स करने के अलावा संभोग के दौरान झटकों का प्रयोग करें। यकीन मानिए संभोग के दौरान दिये गये झटके आपके और साथी दोनों के वाइल्ड सेक्स की इच्छा को और भी तेज कर देंगे।
इसके अलावा आप एक जगह बैठ जाये और अपने महिला साथी को अपनी गोद में बिठायें और उन्हे प्यार भरी बाहों से तेजी से पकड़ ले। इस पोजिशन में आप अपने शरीर के अंगों का पूरा स्पर्श उन्हे दे जिसे वो महसूस कर सकें। इस दौरान आपकी साथी अपने नितम्ब को आपके गुप्तांग पर रगडेंगी तो उनका पूरा साथ दे और उन्हे आनंद का अहसास करायें।
डॉगी स्टाईल महिला और पुरूष दोनों को बेहद पसंद होता है। इस तरीके में आप अपने साथी को घुटने के बल बैठा कर खुद को उनके पीछे कर लेवें और अपने अंग का स्पर्श उनके नितम्ब पर करायें। इस दौरान आप अपने हाथों से उनके स्तन पर रखें और पीछे से उनकी पीठ आदि पर चुंबन करें। यकीन मानिए इस पोजिशन में आपकी महिला साथी बेहद उत्तेजित हो जायेंगी।
महिलाओं को सदैव यह पसंद होता है कि पुरूष उनके उपर रहें और उन्हे खुब सारा प्यार करें। तो आप इस पोजिशन के लिए साथी को प्यार से बिस्तर पर लिटाकर उनके उपर हो लें। ध्यान रखें सेक्स के दौरान साथी को झटकों से उत्तेजित करने की कोशिश करें। इस तरह आप अपनी सेक्स लाईफ में इन पोजिशन को शामिल कर अपनी रातों को और भी रंगीन औश्र जवां बना सकतें है।
Monday, 3 September 2012
संभोग के तुरंत बाद मूत्र विसर्जन!
सेक्स से जुड़ी भ्रांतियों में संभोग के तुरंत बाद मूत्र विसर्जन और योनि में जलन
कई महिलाओं व पुरुषों का मानना है कि संभोग के तुरंत बाद महिला यदि मूत्र विसर्जन कर दे, तो वह गर्भवती नहीं होती। यही सोच कर कई बार वे कंडोम का प्रयोग नहीं करते। कई बार जब बिना कंडोम के संभोग करना होता है, तब भी लोग ऐसा करते हैं। वे सोचते हैं कि संभोग के तुरंत बाद अगर महिला मूत्र विसर्जित कर देगी, तो मूत्र के साथ-साथ वीर्य भी निकल जायेगा और गर्भधारण नहीं होगा। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। मूत्र मूत्राशय से निकलता है और वीर्य गर्भाशय की ओर जाते हैं। दोनों का एक दूसरे से कोई संबंध नहीं। रही बात गर्भधारण की तो यह कुछ सेकेंड का खेल होता है।
दर्द और योनी में जलन
तमाम महिलाओं में यह मिथ्या होती है कि योनि में दर्द या जलन होना सेहत के लिये खतरनाक है। कई महिलाएं मूत्र विसर्जन के दौरान योनि में जलन की शिकायत करती हैं। अकसर ऐसा संभोग के तुरंत बाद मूत्र विसर्जन करने से होता है। कई महिलाएं सोचती हैं कि लिंग के अंदर जाने से उनकी योनि की मांसपेशियों में खिंचाव होता है और दर्द के बाद बड़ी हो जाती हैं। सच पूछिए तो ऐसा कुछ नहीं होता।
अगर संभोग के दौरान योनि थोड़ी बहुत खुल भी जायेगी, तो भी कुछ समय बाद वापस अपनी जगह आ जाती है। रही बात जलन की तो संभोग के समय निकलने वाला पदार्थ बेसिक होता है, जबकि मूत्र एसिडिक होता है। संभोग के बाद अचानक अमलीय तत्व पड़ने के कारण जलन का अहसास होता है। कुछ महिलाएं मानती हैं कि संभोग के दौरान योनि के रगड़ने की वजह से ऐसा होता है। यह भी भ्रांति है। लेकिन हां अगर आपके मूत्र में संभोग नहीं करने के बाद भी जलन हो तो डॉक्टर को जरूर दिखायें।
ये भ्रांतियां हैं पहली बार संभोग से जुड़ी, क्या इनके अलावा अपने किसी भ्रांति के बारे में सुना है
औरतों को मर्द के शरीर के कौन से अंग करतें हैं आकर्षित?
औरतों को मर्द के शरीर के कौन से अंग करतें हैं आकर्षित?
ऐसा हम सभी जानतें है कि पुरूष महिलाओं के शरीर के अंगों के प्रति आकर्षित
होतें है लेकिन महिलाएं भी पुरूषों के अंगों के प्रति उतनी ही गम्भीर होती
है। सेक्स के दौरान शरीर के अंगो का आकर्षक होना बहुत ही महत्वपूर्ण
होता है। शरीर के भरे पूरे और वेल शेप्ड अंग औरतों को तेजी से आकर्षित
करतें है।
पुरूषों के शरीर के कुछ खास अंग होतें है जिनसे महिलाए
आकर्षित होती है और बेड पर सेक्स के दौरान तेजी से उत्तेजित हो जाती है।
आज हम आपको अपने इस लेख में पुरूषों के उन्ही अंगों के बारें में बताऐंगे
कि जो महिलाओं को अपनी तरफ तेजी से आकर्षित करतें है।
पुरूष का कंधा:
पुरूष का चौड़ा कंधा महिला को सबसे ज्यादा अपनी तरफ आकर्षित करता है। जब
पुरूष अपनी बाहों में महिला का आलिंगन करता है तो महिला पुरी तरह उत्तेजित
हो जाती है। बेड पर सेक्स के दौरान कुछ महिलाएं पुरूष के कंधे पर अपने
दांतों से काटना भी पसंद करती है। ऐसा चौड़ा कंधा जिसके आगोश में महिला खुद
को महफूज महसूस करे महिलाओं को बहुत पसंद होता है।
चौड़ा सीना:
पुरूष शारीरिक रूप से मजबूत हो यह महिलाओं को सबसे ज्यादा पसंद होता है।
पुरूष का चौड़ा सीना भी महिलाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। महिला
अपने साथी के सीने पर अपने हाथों का स्पर्श देकर पुरूष को भी उत्तेजित
करती है और खुद भी उत्तेजित होती है।
जुबान: पुरूषों
की जुबान यह पुरूष के शरीर का एक ऐसा अंग होता है जिससे महिलाएं बहुत ही
पसंद करती है। यदि पुरूष अपने जुबान का सही इस्तेमाल महिला के शरीर पर
करता है, मसलन जीभ से महिला के शरीर को सहलाना, होंठों को स्पर्श करना आदि
तो महिला अपनी उत्तेजना की चरमोत्कर्ष पर पहुंच जाती है।
लिंग: महिला को पुरूष का लंबा और मोटा लिंक बहुत पसंद होता है। सेक्स के दौरान महिला अपने साथी के लिंग को स्पर्श करके इस बात से संतुष्ट होती है। बिस्तर पर महिला अपने साथी के लिंग को चुमकर, या फिर उसे अपने शरीर से रगड़ कर उत्तेजित होने की कोशिश करती है।
मजबूत काठी:
कोई भी महिला सदैव एक मजबूत काठी के पुरूष के प्रति जल्दी ही आकर्षित हो
जाती है बजाए एक दुर्बल शरीर वाले व्यक्ति के। ऐसे शरीर वाला पुरूष जो कि
महिला के शरीर को बिस्तर पर आसानी से नियंत्रित कर सके, उसे आगोश में ले
सके ऐस शरीर के व्यक्ति को महिलाएं ज्यादा पसंद करती है। सेक्स बुलेटिन
बीवी को पर्याप्त यौन सुख नहीं देने पर लगा जुर्माना
लंदन।। फ्रांस की एक
अदालत ने 51 साल
के एक शख्स
को अपनी पूर्व
पत्नी को 8,500 पाउंड
का हर्जाना देने
का आदेश दिया
है। इस शख्स
का जुर्म यह
है कि वह
21 साल की शादीशुदा
जिंदगी में बीवी
को पर्याप्त यौन
सुख नहीं दे
सका।इस
शख्स का
नाम जीन लुईस
बी है। कोर्ट
ने उसे फ्रांस
की नागरिक संहिता
के अनुच्छेद 215 के
तहत दोषी माना
है। इस
अनुच्छेद के
मुताबिक शादीशुदा जोड़े को
सामुदायिक जीवन को
साझा करने पर
सहमति जतानी होती
है। दक्षिणी फ्रांस
के एक-एन-प्रोवेंस की एक
अदालत ने आदेश
दिया कि यौन
संबंध किसी भी
शादी का एक
अहम हिस्सा है।जज
ने कहा , ' पति
और पत्नी के
बीच यौन संबंध
एक दूसरे प्रति
प्यार जताने का
एक जरिया भी
है। इस मामले
में इसका साफ
अभाव था। शादी
करते समय पति
और पत्नी दोनों
इस बात पर
सहमति जताते हैं
कि वह अपने
जीवन की हर
बात को साझा
करेंगे और इसका
साफ अर्थ है
कि वे एक
दूसरे के साथ
यौन संबंध बनाएंगे।
'
कौन देगा मुआवजा
हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा पति या पत्नी दोनों में से कोई भी एक-दूसरे से मांग सकता है। अधिनियम की धारा 24 एवं 25 कहती है- 'इस अधिनियम के अंतर्गत कोई कानूनी प्रक्रिया चलने के दौरान यदि अदालत को लगता है कि पति या पत्नी दोनों में से किसी एक के पास अपनी स्वतंत्र आय नहीं है, जिससे वह अपना गुजारा कर सके या कानूनी लड़ाई लड़ सके, तो दूसरे पक्ष को कानूनी प्रक्रिया के बीच ही भरण-पोषण एवं मुकदमा लड़ने की राशि देनी होगी।' ('यह राशि कोर्ट से नोटिस मिलने के दो महीने के अंदर देय होगी'।) 2001 के संशोधन से पहले समय सीमा नहीं थी। भारत में अनेक स्त्रियों की आय अपने पति की आय से ज्यादा है। यदि ऐसे में तलाक की नौबत आ जाए तो स्त्री तलाकशुदा पति को मुआवजा देगी। ज्यादातर लोगों को इस कानून की जानकारी नहीं है, और जिन्हें है, वे भी लोकलाज के कारण मुआवजे का दावा नहीं पेश करते।
मुकदमा समाप्त होने के बाद किसी ने स्थायी एलिमोनी या एकमुश्त मुआवजे का आवेदन नहीं भी दिया है तो अदालत सारे साक्ष्यों के आधार पर खुद भी मुआवजा या हर महीने एक राशि देने का आदेश सुना सकती है। जब कोई प्रावधान अधिनियम में ही शामिल है तो उसका लाभ पति-पत्नी दोनों को मिलेगा। इसके लिए फैसलों का उदाहरण देना जरूरी नहीं। विदेशों में मुआवजा अग्रीमेंट पर या तलाक लेते वक्त आपसी समझौते पर आधारित है, जबकि भारत में यह कानून का हिस्सा है, जिसने पति-पत्नी दोनों को एक ही पलड़े पर रखा है। मुआवजे का आदेश देते वक्त अदालत देखती है कि पति-पत्नी की आय एवं संपत्ति कितनी है। इसमें संयुक्त एवं व्यक्तिगत तथा स्थायी एवं मासिक/वार्षिक आय/संपत्ति शामिल है।
दोनों पक्षों के लिए अपनी-अपनी आय एवं संपत्ति का सच्चा ब्यौरा देना आवश्यक है। इनमें जिसकी हैसियत कम है, वह दूसरे से उसकी हैसियत के अनुसार मुआवजे की मांग कर सकता है। भारत में ज्यादातर पति आय/संपत्ति वाले हैं अत: लोगों को लगता है कि सिर्फ पत्नी ही मुआवजा लेती है। यहां पत्नी के मामले में पति की यह दलील नहीं चलेगी कि पत्नी नौकरी पाने लायक है या उसके पिता उसका भार उठा सकते हैं। यदि पति-पत्नी दोनों के पास ही कुछ नहीं है और दोनों ने ही एक-दूसरे के खिलाफ भरण-पोषण या एकमुश्त मुआवजे की मांग की है तो अदालत एक स्वस्थ पति को ही यह आदेश देगी कि वह काम करके पत्नी को कुछ दे- भले ही 100 रुपये महीने। (श्रीमती उर्मिला देवी बनाम हरिराम - पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय)।
यह मुआवजा या मासिक भत्ता तब मिलने में परेशानी होगी जब पति या पत्नी किसी और से शारीरिक रिश्ता बना लेते हैं (धारा 25, उपधारा 3)। इस हालत में पहले दिया गया आदेश समाप्त किया जा सकता है। इस तरह भारत में भी एकमुश्त मुआवजे की रकम करोड़ों तक है और यह पति या पत्नी कोई भी पा सकता है। दोनों अपने से अच्छी हैसियत रखने वाले से उसके समान अपना स्तर बरकरार रखने की मांग करते हुए राशि तय कर सकते हैं- या तो खुद समझौता करके या अदालत से मांग करके। इस तरह तलाक के मामले में भारतीय कानून भी विश्व स्तर का ही है।
जहां तलाक, आपसी सहमति द्वारा, अधिनियम की धारा 13-बी के अंतर्गत लिया जाता है, वहां पैसे-संपत्ति का लेनदेन आपसी सहमति से होता है और विदेशों की तरह ही लाखों-करोड़ों में होता है। यही नहीं, अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत यदि पति-पत्नी एक-दूसरे से अलग रहने लगते हैं, या एक दूसरे को छोड़कर चला जाता है तो छोड़कर जाने वाले के विरुद्ध 'वैवाहिक संबंधों की वापसी' के लिए मुकदमा दायर किया जा सकता है। इस मुकदमे में भी छोड़कर जाने वाले को भरण-पोषण मांगने का अधिकार मुकदमा चलते वक्त भी है और बाद में भी। मुकदमा समाप्त होने पर घर छोड़कर जाने वाले के विरुद्ध यदि डिक्री पास कर दी जाए कि वह दूसरे पक्ष के साथ जाकर रहे और वह पक्ष ऐसा नहीं करता है तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जा सकती है। (आर्डर 21 रूल 32 सीपीसी 1908)।
खूंटे पर वापसी
' वैवाहिक संबंधों की वापसी' जैसी कोई अवधारणा पहले भारत के हिंदू और मुस्लिम समुदायों में नहीं थी। 1884 मंे पहली बार इस प्रावधान के अंतर्गत एक मुकदमा 22 वषीर्या रुक्मा बाई के खिलाफ उसके पति दादाजी भीखाजी ने किया। कारण, रुक्मा के पास उस समय उसके पिता द्वारा दी गई 5000 रुपये की संपत्ति थी। हिंदू तथा मुसलमानों में पति-पत्नी एक-दूसरे को छोड़कर चले जाते थे तो उन्हें कानूनन वापस लौटने पर विवश नहीं किया जा सकता था। ब्रिटेन में तब पत्नी एक 'चैटल' या 'गाय' थी, जिसे पति के खूंटे पर लाकर बांधने का काम राज्य एवं अदालत का था। ब्रिटेन में यह कानून 1970 के दशक में हटा दिया गया, पर भारत में यह अब भी लागू है। स्त्री क्रूरता की शिकार होकर अपने मायके या कहीं और चली जाती है तो इसके तहत उस पर मुकदमा हो सकता है। मुकदमा हारने पर यदि वह नहीं लौटती तो पति तलाक ले सकता है और उसकी संपत्ति भी।
लंदन।। शादी
से पहले शारीरिक संबंध
न बनाने की
सदियों पुरानी मान्यता यूं
ही नहीं बन
गई है। अब
अनुसंधानकताओं
ने इसके कारगर
होने की पुष्टि
की है। उनका
कहना है कि
शादी तक यौन
संबंध बनाने से
परहेज करने वाले
जोड़े खुश रहते
हैं और उनका
रिश्ता ज्यादा टिकता
है,बनिस्बत उनके
जो पहली ही
मुलाकात में इस हद
तक पहुंच जाते
हैं।
सेक्स के लिए
बेस्ट डे
लंदन।। फ्रांस की एक
अदालत ने 51 साल
के एक शख्स
को अपनी पूर्व
पत्नी को 8,500 पाउंड
का हर्जाना देने
का आदेश दिया
है। इस शख्स
का जुर्म यह
है कि वह
21 साल की शादीशुदा
जिंदगी में बीवी
को पर्याप्त यौन
सुख नहीं दे
सका।इस
शख्स का
नाम जीन लुईस
बी है। कोर्ट
ने उसे फ्रांस
की नागरिक संहिता
के अनुच्छेद 215 के
तहत दोषी माना
है। इस
अनुच्छेद के
मुताबिक शादीशुदा जोड़े को
सामुदायिक जीवन को
साझा करने पर
सहमति जतानी होती
है। दक्षिणी फ्रांस
के एक-एन-प्रोवेंस की एक
अदालत ने आदेश
दिया कि यौन
संबंध किसी भी
शादी का एक
अहम हिस्सा है।जज
ने कहा , ' पति
और पत्नी के
बीच यौन संबंध
एक दूसरे प्रति
प्यार जताने का
एक जरिया भी
है। इस मामले
में इसका साफ
अभाव था। शादी
करते समय पति
और पत्नी दोनों
इस बात पर
सहमति जताते हैं
कि वह अपने
जीवन की हर
बात को साझा
करेंगे और इसका
साफ अर्थ है
कि वे एक
दूसरे के साथ
यौन संबंध बनाएंगे।
'
लुईस
की पत्नी
ने दो साल
पहले तलाक के
लिए आवेदन किया
था। पत्नी का
दावा किया था
कि लुईस उसे
पर्याप्त यौन सुख
नहीं दे पाता।
इस आधार पर
जज ने तलाक
को मंजूरी दे
दी। तलाक मिलने
के बाद लुईस
की इस पूर्व
पत्नी ने ऊपरी
अदालत में इस
आधार हर्जाने की
मांग कर डाली
कि 21 साल के
दांपत्य जीवन में
उसे पति से
पर्याप्त यौन सुख
नहीं मिला।
पति भी ले सकता है तलाक का मुआवजा
कौन देगा मुआवजा
हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा पति या पत्नी दोनों में से कोई भी एक-दूसरे से मांग सकता है। अधिनियम की धारा 24 एवं 25 कहती है- 'इस अधिनियम के अंतर्गत कोई कानूनी प्रक्रिया चलने के दौरान यदि अदालत को लगता है कि पति या पत्नी दोनों में से किसी एक के पास अपनी स्वतंत्र आय नहीं है, जिससे वह अपना गुजारा कर सके या कानूनी लड़ाई लड़ सके, तो दूसरे पक्ष को कानूनी प्रक्रिया के बीच ही भरण-पोषण एवं मुकदमा लड़ने की राशि देनी होगी।' ('यह राशि कोर्ट से नोटिस मिलने के दो महीने के अंदर देय होगी'।) 2001 के संशोधन से पहले समय सीमा नहीं थी। भारत में अनेक स्त्रियों की आय अपने पति की आय से ज्यादा है। यदि ऐसे में तलाक की नौबत आ जाए तो स्त्री तलाकशुदा पति को मुआवजा देगी। ज्यादातर लोगों को इस कानून की जानकारी नहीं है, और जिन्हें है, वे भी लोकलाज के कारण मुआवजे का दावा नहीं पेश करते।
मुकदमा समाप्त होने के बाद किसी ने स्थायी एलिमोनी या एकमुश्त मुआवजे का आवेदन नहीं भी दिया है तो अदालत सारे साक्ष्यों के आधार पर खुद भी मुआवजा या हर महीने एक राशि देने का आदेश सुना सकती है। जब कोई प्रावधान अधिनियम में ही शामिल है तो उसका लाभ पति-पत्नी दोनों को मिलेगा। इसके लिए फैसलों का उदाहरण देना जरूरी नहीं। विदेशों में मुआवजा अग्रीमेंट पर या तलाक लेते वक्त आपसी समझौते पर आधारित है, जबकि भारत में यह कानून का हिस्सा है, जिसने पति-पत्नी दोनों को एक ही पलड़े पर रखा है। मुआवजे का आदेश देते वक्त अदालत देखती है कि पति-पत्नी की आय एवं संपत्ति कितनी है। इसमें संयुक्त एवं व्यक्तिगत तथा स्थायी एवं मासिक/वार्षिक आय/संपत्ति शामिल है।
दोनों पक्षों के लिए अपनी-अपनी आय एवं संपत्ति का सच्चा ब्यौरा देना आवश्यक है। इनमें जिसकी हैसियत कम है, वह दूसरे से उसकी हैसियत के अनुसार मुआवजे की मांग कर सकता है। भारत में ज्यादातर पति आय/संपत्ति वाले हैं अत: लोगों को लगता है कि सिर्फ पत्नी ही मुआवजा लेती है। यहां पत्नी के मामले में पति की यह दलील नहीं चलेगी कि पत्नी नौकरी पाने लायक है या उसके पिता उसका भार उठा सकते हैं। यदि पति-पत्नी दोनों के पास ही कुछ नहीं है और दोनों ने ही एक-दूसरे के खिलाफ भरण-पोषण या एकमुश्त मुआवजे की मांग की है तो अदालत एक स्वस्थ पति को ही यह आदेश देगी कि वह काम करके पत्नी को कुछ दे- भले ही 100 रुपये महीने। (श्रीमती उर्मिला देवी बनाम हरिराम - पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय)।
यह मुआवजा या मासिक भत्ता तब मिलने में परेशानी होगी जब पति या पत्नी किसी और से शारीरिक रिश्ता बना लेते हैं (धारा 25, उपधारा 3)। इस हालत में पहले दिया गया आदेश समाप्त किया जा सकता है। इस तरह भारत में भी एकमुश्त मुआवजे की रकम करोड़ों तक है और यह पति या पत्नी कोई भी पा सकता है। दोनों अपने से अच्छी हैसियत रखने वाले से उसके समान अपना स्तर बरकरार रखने की मांग करते हुए राशि तय कर सकते हैं- या तो खुद समझौता करके या अदालत से मांग करके। इस तरह तलाक के मामले में भारतीय कानून भी विश्व स्तर का ही है।
जहां तलाक, आपसी सहमति द्वारा, अधिनियम की धारा 13-बी के अंतर्गत लिया जाता है, वहां पैसे-संपत्ति का लेनदेन आपसी सहमति से होता है और विदेशों की तरह ही लाखों-करोड़ों में होता है। यही नहीं, अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत यदि पति-पत्नी एक-दूसरे से अलग रहने लगते हैं, या एक दूसरे को छोड़कर चला जाता है तो छोड़कर जाने वाले के विरुद्ध 'वैवाहिक संबंधों की वापसी' के लिए मुकदमा दायर किया जा सकता है। इस मुकदमे में भी छोड़कर जाने वाले को भरण-पोषण मांगने का अधिकार मुकदमा चलते वक्त भी है और बाद में भी। मुकदमा समाप्त होने पर घर छोड़कर जाने वाले के विरुद्ध यदि डिक्री पास कर दी जाए कि वह दूसरे पक्ष के साथ जाकर रहे और वह पक्ष ऐसा नहीं करता है तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जा सकती है। (आर्डर 21 रूल 32 सीपीसी 1908)।
खूंटे पर वापसी
' वैवाहिक संबंधों की वापसी' जैसी कोई अवधारणा पहले भारत के हिंदू और मुस्लिम समुदायों में नहीं थी। 1884 मंे पहली बार इस प्रावधान के अंतर्गत एक मुकदमा 22 वषीर्या रुक्मा बाई के खिलाफ उसके पति दादाजी भीखाजी ने किया। कारण, रुक्मा के पास उस समय उसके पिता द्वारा दी गई 5000 रुपये की संपत्ति थी। हिंदू तथा मुसलमानों में पति-पत्नी एक-दूसरे को छोड़कर चले जाते थे तो उन्हें कानूनन वापस लौटने पर विवश नहीं किया जा सकता था। ब्रिटेन में तब पत्नी एक 'चैटल' या 'गाय' थी, जिसे पति के खूंटे पर लाकर बांधने का काम राज्य एवं अदालत का था। ब्रिटेन में यह कानून 1970 के दशक में हटा दिया गया, पर भारत में यह अब भी लागू है। स्त्री क्रूरता की शिकार होकर अपने मायके या कहीं और चली जाती है तो इसके तहत उस पर मुकदमा हो सकता है। मुकदमा हारने पर यदि वह नहीं लौटती तो पति तलाक ले सकता है और उसकी संपत्ति भी।
अंतरिक्ष में सेक्स पर स्टडी
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि नासा को अंतरिक्ष में सेक्स पर स्टडी करनी चाहिए। उनके मुताबिक अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा हमेशा इस विषय पर चुप्पी साध लेती है, जबकि इस बारे में अध्ययन होना चाहिए कि क्या अंतरिक्ष में शून्य गुरुत्वाकर्षण बल के बीच सेक्स करके एक महिला गर्भवती हो सकती है?इस बारे में जर्नल ऑफ कॉस्मोलॉजी में प्रकाशित 'सेक्स ऑन मार्स' अध्याय में कैलिफोर्निया की ब्रेन रिसर्च लेबोरेट्री के डॉ. हॉन जोसेफ ने अपने विचार लिखे हैं। उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का भी जिक्र किया है, जिसमें अन्य ग्रहों पर बच्चे को जन्म देने की संभावनाएं बनती हैं। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा,'मनुष्य के मन में सेक्स की भावना हमेशा रहती है। ऐसे में अगर आप मंगल ग्रह पर हैं तो काफी अकेलापन महसूस करेंगे। इस अकेलेपन को दूर करने के लिए अंतरिक्ष में सेक्स की संभावना पर अध्ययन होना बहुत जरूरी है।'डॉ . जोसेफ के अनुसार नासा की लंबी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्री एक-दूसरे के काफी करीब आ जाते हैं, इसके बावजूद वे आपस में शारीरिक संबंध नहीं बना पाते। उनका कहना है कि अंटार्कटिक क्षेत्र की तुलना भी अंतरिक्ष से की जा सकती है। यहां तापमान के शून्य से कई डिग्री नीचे होने के कारण लोग बाहर नहीं निकलते।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि नासा को अंतरिक्ष में सेक्स पर स्टडी करनी चाहिए। उनके मुताबिक अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा हमेशा इस विषय पर चुप्पी साध लेती है, जबकि इस बारे में अध्ययन होना चाहिए कि क्या अंतरिक्ष में शून्य गुरुत्वाकर्षण बल के बीच सेक्स करके एक महिला गर्भवती हो सकती है?इस बारे में जर्नल ऑफ कॉस्मोलॉजी में प्रकाशित 'सेक्स ऑन मार्स' अध्याय में कैलिफोर्निया की ब्रेन रिसर्च लेबोरेट्री के डॉ. हॉन जोसेफ ने अपने विचार लिखे हैं। उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का भी जिक्र किया है, जिसमें अन्य ग्रहों पर बच्चे को जन्म देने की संभावनाएं बनती हैं। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा,'मनुष्य के मन में सेक्स की भावना हमेशा रहती है। ऐसे में अगर आप मंगल ग्रह पर हैं तो काफी अकेलापन महसूस करेंगे। इस अकेलेपन को दूर करने के लिए अंतरिक्ष में सेक्स की संभावना पर अध्ययन होना बहुत जरूरी है।'डॉ . जोसेफ के अनुसार नासा की लंबी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्री एक-दूसरे के काफी करीब आ जाते हैं, इसके बावजूद वे आपस में शारीरिक संबंध नहीं बना पाते। उनका कहना है कि अंटार्कटिक क्षेत्र की तुलना भी अंतरिक्ष से की जा सकती है। यहां तापमान के शून्य से कई डिग्री नीचे होने के कारण लोग बाहर नहीं निकलते।
पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली जल्द
महिलाओं के लिए
गर्भनिरोधक दवाएं तो दशकों
से मौजूद हैं,
लेकिन पुरुषों के
लिए ऐसी कोई
गोली उपलब्ध नहीं
है। मगर अब
वैज्ञानिकों ने दावा
किया है कि
वे पुरुष गर्भनिरोधक
दवा बनाने की
प्रक्रिया के काफी
करीब पहुंच गए
हैं। वैज्ञानिकों ने
चूहों पर इसका
सफल परीक्षण भी
किया है।
पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली न होने की वजह से बड़ी संख्या में अनियोजित गर्भ धारण करने के मामले सामने आते रहे हैं। वैज्ञानिकों के सामने चुनौती एक ऐसी दवा बनाने की थी, जो खून से सीधे अंडकोष में जा सके। यह शोध अमेरिकी पत्रिका सेल में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चूहों पर दवा के परीक्षण से उनकी यौन क्रियाओं पर असर नहीं पड़ा, लेकिन उनकी प्रजनन क्षमता अस्थाई तौर पर समाप्त हो गई। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह परीक्षण काफी उत्साहपूर्ण है, इंसान पर इसका परीक्षण होना अभी बाकी है। डाना फार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड बेलर कॉलेज ऑफ मेडिसन में अमेरिकी शोधकर्ता 'जेक्यू1' नाम की दवा का परीक्षण कर रहे थे। यह दवा प्रोटीन की एक किस्म पर निशाना साधती है, जो सिर्फ अंडकोष में ही पाया जाता है और शुक्राणु उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है। जिन चूहों को दवा दी गई, उनके अंडकोष सिकुड़ने लगे। शुक्राणु कम होने लगे और कुछ की प्रजनन क्षमता अस्थाई तौर पर चली गई।यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के डॉक्टर ऐलन पेसी ने बताया कि अब तक जितने भी परीक्षण हुए हैं, उनमें इंजेक्शन या इम्प्लांट के जरिए टेस्टोस्टिरोन हार्मोन से छेड़छाड़ की जाती थी, ताकि शुक्राणु न बन सकें, लेकिन यह तकनीक रुटीन इस्तेमाल में नहीं लाई जा सकी। इसलिए ऐसी दवा की जरूरत है, जो हार्मोन पर निर्भर न हो।
पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली न होने की वजह से बड़ी संख्या में अनियोजित गर्भ धारण करने के मामले सामने आते रहे हैं। वैज्ञानिकों के सामने चुनौती एक ऐसी दवा बनाने की थी, जो खून से सीधे अंडकोष में जा सके। यह शोध अमेरिकी पत्रिका सेल में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चूहों पर दवा के परीक्षण से उनकी यौन क्रियाओं पर असर नहीं पड़ा, लेकिन उनकी प्रजनन क्षमता अस्थाई तौर पर समाप्त हो गई। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह परीक्षण काफी उत्साहपूर्ण है, इंसान पर इसका परीक्षण होना अभी बाकी है। डाना फार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड बेलर कॉलेज ऑफ मेडिसन में अमेरिकी शोधकर्ता 'जेक्यू1' नाम की दवा का परीक्षण कर रहे थे। यह दवा प्रोटीन की एक किस्म पर निशाना साधती है, जो सिर्फ अंडकोष में ही पाया जाता है और शुक्राणु उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है। जिन चूहों को दवा दी गई, उनके अंडकोष सिकुड़ने लगे। शुक्राणु कम होने लगे और कुछ की प्रजनन क्षमता अस्थाई तौर पर चली गई।यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के डॉक्टर ऐलन पेसी ने बताया कि अब तक जितने भी परीक्षण हुए हैं, उनमें इंजेक्शन या इम्प्लांट के जरिए टेस्टोस्टिरोन हार्मोन से छेड़छाड़ की जाती थी, ताकि शुक्राणु न बन सकें, लेकिन यह तकनीक रुटीन इस्तेमाल में नहीं लाई जा सकी। इसलिए ऐसी दवा की जरूरत है, जो हार्मोन पर निर्भर न हो।
पहली मुलाकात में शारीरिक संबंध
लंदन।। शादी
से पहले शारीरिक संबंध
न बनाने की
सदियों पुरानी मान्यता यूं
ही नहीं बन
गई है। अब
अनुसंधानकताओं
ने इसके कारगर
होने की पुष्टि
की है। उनका
कहना है कि
शादी तक यौन
संबंध बनाने से
परहेज करने वाले
जोड़े खुश रहते
हैं और उनका
रिश्ता ज्यादा टिकता
है,बनिस्बत उनके
जो पहली ही
मुलाकात में इस हद
तक पहुंच जाते
हैं।
अपनी तरह के
इस पहले अध्ययन
में कोरनेल विश्वविद्यालय के
अनुसंधानकर्ताओं
ने कहा कि
शुरू में ही
यौन संबंध बना
लेने से अच्छे
संबंधों से जुड़े बाकी
तथ्यों की तरफ
से ध्यान हट
जाता है। इनमें
एक दूसरे के
प्रति वचनबद्धता, परवाह,
आपसी समझ और
साझे मूल्य शामिल
हैं।
द इंडिपेंडेंट ने अनुसंधानकर्ताओं के हवाले से कहा, शादी से पहले यौन गतिविधियों में संयम बरतने से रिश्ते की सेहत पर अच्छा असर पड़ता है।
अनुसंधानकर्ताओं ने इस संबंध में 600 जोड़ों से उनके रिश्ते के बारे में बात की। जोड़ों के यौन जीवन के बारे में पूछताछ के बाद उनसे उनके रिश्तों के बारे में पूछा गया और उसी के आधार पर इस अध्ययन का उपरोक्त निष्कर्ष निकाला गया।
द इंडिपेंडेंट ने अनुसंधानकर्ताओं के हवाले से कहा, शादी से पहले यौन गतिविधियों में संयम बरतने से रिश्ते की सेहत पर अच्छा असर पड़ता है।
अनुसंधानकर्ताओं ने इस संबंध में 600 जोड़ों से उनके रिश्ते के बारे में बात की। जोड़ों के यौन जीवन के बारे में पूछताछ के बाद उनसे उनके रिश्तों के बारे में पूछा गया और उसी के आधार पर इस अध्ययन का उपरोक्त निष्कर्ष निकाला गया।
हर काम के लिए
एक दिन, एक
वक्त होता है
और सेक्स के
लिए सबसे अच्छा
दिन गुरुवार है।
यह बात एक
नई में कही
गई है। एक
मैगजीन की रिसर्च
के अनुसार, सोमवार
कैमरा खरीदने के
लिए बेहतर है
तो मंगलवार हवाई
यात्रा के लिए
सबसे सस्ता दिन
है। वैसे बाहर
खाने-पीने के
लिए भी मंगलवार
काफी फायदेमंद माना
जा रहा है।
बुधवार को बाजारों में भीड़ काफी कम होती है इसलिए इस दिन शॉपिंग करने का आइडिया कूल है, साथ ही इस दिन आप अपनी सैलरी इंक्रीमेंट की बात भी कर सकते हैं। दोनों ही बातों में फायदा मिलेगा।
वैज्ञानिकों का मानना है कि गुरुवार की सुबह सेक्स के लिए सबसे अच्छा वक्त होता है, क्योंकि इस वक्त सेक्स हार्मोन्स को बढ़ाने वाले नैचुरल कोर्टिसोल का लेवल बहुत ऊंचा रहता है।
शुक्रवार का दिन घर बेचने और शादी करने के लिए परफेक्ट माना जाता है। और आखिर में अगर बात संडे की करें, तो यह दिन ऑनलाइन शॉपिंग के लिहाज से फायदामेंद साबित होता है।
बुधवार को बाजारों में भीड़ काफी कम होती है इसलिए इस दिन शॉपिंग करने का आइडिया कूल है, साथ ही इस दिन आप अपनी सैलरी इंक्रीमेंट की बात भी कर सकते हैं। दोनों ही बातों में फायदा मिलेगा।
वैज्ञानिकों का मानना है कि गुरुवार की सुबह सेक्स के लिए सबसे अच्छा वक्त होता है, क्योंकि इस वक्त सेक्स हार्मोन्स को बढ़ाने वाले नैचुरल कोर्टिसोल का लेवल बहुत ऊंचा रहता है।
शुक्रवार का दिन घर बेचने और शादी करने के लिए परफेक्ट माना जाता है। और आखिर में अगर बात संडे की करें, तो यह दिन ऑनलाइन शॉपिंग के लिहाज से फायदामेंद साबित होता है।
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