Monday 8 October 2012

लिव इन रिलेशन और शादी

लिव इन रिलेशन और शादी 

भारतीय लगातार अपनी जीवनशैली बदल रहे हैं। ऐसे में मॉडर्न कल्चर के किसी भी रूप को अपनाना उनके लिए बहुत मुश्किल नहीं है। लिवइन रिलेशन इसी मॉडर्न कल्चर का एक हिस्सा है। युवावर्ग शादी-शुदा जिंदगी जीने से बेहतर लिव इन रिलेशन को मानता  है। लेकिन लिव इन रिलेशन और शादी में बहुत फर्क है।

लिव इन रिलेशन और शादी में अंतर
लिव इन रिलेशन-लिव-इन का मतलब एक स्त्री और एक पुरुष का बिना विवाह किए सिर्फ आपसी सहमति से एक साथ रहना है। आज के दौर में नौजवान जोड़े अपनी मर्जी से और अपनी पसंद से साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं। महानगरों में लिव-इन रिलेशनशिप की शुरुआत शिक्षित और आर्थिक तौर पर स्वतंत्र ऐसे लोगों ने की जो कि विवाह की जकड़न से छुटकारा चाहते थे। इस रिश्ते को दूसरे पक्ष की सहमति के बिना कभी भी समाप्त किया जा सकता है। किसी विवाहित पुरुष और अविवाहित महिला या विवाहित महिला एवं गैर शादी शुदा पुरुष के बीच भी लिव-इन  रिलेशनशिप सुनने में आया है ।

शादी-शादी न सिर्फ दो व्यक्तियों का बल्कि दो परिवारों का भी मिलन है। शादी में लड़का-लड़की को सामाजिक तौर एक सूत्र में बंधने की मान्यता प्राप्त होती है। विवाह में स्त्री व पुरुष दोनों का सम्मान व प्रतिष्ठा निहित है। विवाह की परंपरा भारतीय समाज केआरंभ से चली आ रही है। आमतौर पर शादी अविवाहित पुरूष और अविवाहित महिला के बीच होती है

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